कांपती सुबह और कड़ाके की ठंड, झारखंड के स्कूलों में छुट्टी का नया फरमान

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News India Live, Digital Desk : आज 6 जनवरी 2026 है और झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के ज्यादातर जिलों में सुबह उठते ही जो सबसे पहली बात याद आती है, वो है  कड़ाके की ठंड। पारा जिस रफ्तार से नीचे गिरा है, उसने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है। सबसे ज्यादा चिंता उन माता-पिता को थी जिनके छोटे बच्चे सुबह तड़के स्कूल जाते हैं। प्रशासन ने भी अब इस 'मौसम के टॉर्चर' को गंभीरता से लिया है।

शीतलहर का अलर्ट और बच्चों की सुरक्षा
मौसम विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिन अभी राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। शीतलहर (Cold Wave) को देखते हुए राज्य के कई जिलों में जिला शिक्षा अधिकारियों ने स्कूलों को बंद रखने या उनकी टाइमिंग बदलने का फैसला किया है। खासकर छोटे बच्चों (प्राइमरी सेक्शन) के लिए राहत की खबर है।

रांची में क्या है ताजा हाल?
अगर हम रांची की बात करें, तो यहाँ पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड टूटने की स्थिति है। सूरज निकलने के बाद भी धूप में वह तपिश नहीं महसूस हो रही, जिससे ठंड से राहत मिल सके। रांची जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर पारा और नीचे जाता है, तो सर्दियों की छुट्टियों को आगे बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल, स्कूलों को सुबह देर से शुरू करने या कुछ दिन बंद रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

सिर्फ छुट्टी नहीं, सेहत का भी रखें ख्याल
जानकारों का मानना है कि सुबह के समय चल रही सर्द हवाएं बच्चों के लिए घातक साबित हो सकती हैं। सर्दी, जुकाम और वायरल के बढ़ते मामलों ने अस्पतालों में भी भीड़ बढ़ा दी है। ऐसे में स्कूल बंद रहने से बच्चों को इन बर्फीली हवाओं के संपर्क में आने से बचाया जा सकेगा। अभिभावकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने जिलों के अपडेट पर नजर रखें क्योंकि मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए फैसला स्थानीय स्तर पर भी बदला जा सकता है।

फिलहाल, तो यह तय है कि रजाई की गर्माहट ही सबसे बड़ा सुकून है। अब देखना यह होगा कि ये 'बर्फानी' मौसम कब तक नरम पड़ता है और कब पटरियों पर फिर से स्कूलों की रौनक लौटती है।