कान साफ करने के लिए आप भी ईयरबड का इस्तेमाल करते हैं? आज ही छोड़ दें ये खतरनाक आदत
News India Live, Digital Desk: कान में खुजली या भारीपन महसूस होते ही हमारा हाथ सबसे पहले ईयरबड यानी कॉटन की तीली की तरफ जाता है। हमें लगता है कि कान में जमी सारी गंदगी बस इसी से बाहर आएगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस चीज को आप कान की सफाई के लिए सबसे अच्छा मानते हैं, असल में वही आपके कानों के लिए सबसे बड़ी दुश्मन है?
कान का मैल कोई गंदगी नहीं, आपके कान का रक्षक है!
सबसे पहले तो यह समझना जरूरी है कि जिसे हम 'कान का मैल' या 'गंदगी' समझकर निकालने के लिए बेचैन रहते हैं, वो असल में हमारे कान के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। मेडिकल भाषा में इसे 'सेरुमेन' (Cerumen) या इयर वैक्स कहते हैं। यह वैक्स हमारे कान को धूल, मिट्टी और बैक्टीरिया से बचाता है। साथ ही, यह कान की नाजुक त्वचा को नमी देकर उसे सूखने से भी रोकता है। हमारा शरीर इसे जरूरत के हिसाब से खुद ही बनाता और साफ करता रहता है।
तो फिर ईयरबड इस्तेमाल करना खतरनाक क्यों है?
जब हम कान में ईयरबड या कोई भी नुकीली चीज डालते हैं, तो हम मैल को बाहर निकालने की बजाय उसे और अंदर, कान के पर्दे की तरफ धकेल देते हैं। यह जमा हुआ मैल धीरे-धीरे सूखकर सख्त हो जाता है और कान में ब्लॉकेज पैदा कर सकता है। इससे आपको कम सुनाई देना, कान में दर्द होना या कान में सीटी जैसी आवाज आने (टिनिटस) की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, गलती से भी अगर यह तीली पर्दे से टकरा गई, तो आपके कान का पर्दा फट भी सकता है, जिससे सुनने की शक्ति हमेशा के लिए जा सकती है।
कान साफ करने के सुरक्षित और घरेलू तरीके
अगर आपको लग रहा है कि कान में मैल ज्यादा जम गया है, तो उसे साफ करने के लिए अंधाधुंध ईयरबड का इस्तेमाल करने की बजाय इन सुरक्षित तरीकों को अपनाएं:
- सरसों या जैतून का तेल: यह सबसे पुराना और असरदार तरीका है। किसी भी एक तेल की 2-3 बूंदें हल्की गर्म करके कान में डालें। तेल को गुनगुना ही रखें, गर्म नहीं। कान में तेल डालकर 5-10 मिनट तक उसी करवट लेटे रहें, ताकि तेल अंदर तक जा सके। यह सख्त मैल को नरम कर देगा, जिससे वह धीरे-धीरे अपने आप बाहर आ जाएगा। ऐसा आप हफ्ते में एक या दो बार कर सकते हैं।
- लहसुन का तेल: अगर कान में हल्का-फुल्का इन्फेक्शन या दर्द महसूस हो रहा है, तो लहसुन का तेल बहुत फायदेमंद हो सकता है। सरसों के तेल में लहसुन की 2-3 कलियां डालकर उसे गर्म कर लें। जब तेल ठंडा और गुनगुना रह जाए, तो उसे छानकर 2 बूंद कान में डाल लें। लहसुन में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण इन्फेक्शन को रोकने में मदद करते हैं।
डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
अगर घरेलू तरीकों से भी आराम न मिले या आपके कान में तेज दर्द हो, कान से कोई तरल पदार्थ बह रहा हो, चक्कर आ रहे हों या सुनाई देना अचानक बहुत कम हो गया हो, तो तुरंत किसी अच्छे ईएनटी (ENT) डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर सुरक्षित उपकरणों की मदद से आपके कान की जांच करके उसे आसानी से साफ कर देंगे।
याद रखिए, कान हमारे शरीर का बहुत ही नाजुक हिस्सा है। इसकी सफाई में की गई एक छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।