कौन हैं डेना करारी? अमेरिका-ईरान जंग के बीच रिहा हुईं अमेरिकी नागरिक की पूरी कहानी
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और भीषण बमबारी के बीच एक बड़ी और राहत भरी कूटनीतिक खबर सामने आई है। ईरान ने पिछले डेढ़ साल (दिसंबर 2024) से अपने देश में बंधक बनाकर रखी गईं अमेरिकी-ईरानी दोहरी नागरिकता (US-Iran Dual Citizen) वाली महिला डेना करारी (Dena Karari) को आज़ाद कर दिया है।
मानवाधिकार वकील जेरेड गेंसर (Jared Genser) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आधिकारिक तौर पर उनकी रिहाई की पुष्टि की है। ट्रंप ने इसे ईरान की तरफ से एक "सद्भावना संकेत" (Gesture of Goodwill) बताया है।
कौन हैं डेना करारी और उन्हें क्यों रोका गया था?
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दिसंबर 2024 से थीं फंसी: डेना करारी अमेरिका और ईरान की दोहरी नागरिकता रखने वाली महिला हैं। वह दिसंबर 2024 में ईरान गई थीं, लेकिन तब से ही ईरानी प्रशासन ने उन पर पाबंदियां लगा दी थीं।
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लगे थे जासूसी के 'फर्जी' आरोप: ईरान सरकार ने डेना पर जासूसी करने (Espionage) और एक विरोधी देश (अमेरिका) के साथ सहयोग करने के गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, उनके वकील जेरेड गेंसर के मुताबिक ये सभी आरोप पूरी तरह से "फर्जी और मनगढ़ंत" (Bogus Charges) थे।
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जेल में नहीं, 'एग्जिट बैन' में थीं: कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनके डेढ़ साल तक जेल में रहने की बात कही जा रही है, लेकिन असल में वह ईरान के 'एग्जिट बैन' (Coercive Exit Ban) के तहत फंसी हुई थीं। इसका मतलब यह है कि उन्हें जेल की कोठरी में बंद नहीं किया गया था, बल्कि ईरानी अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट जब्त कर उन्हें देश छोड़ने से पूरी तरह रोक रखा था। उन पर कोई औपचारिक मुकदमा भी नहीं चलाया गया था।
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तबीयत बिगड़ने की खबर: उनका एग्जिट बैन इसी साल अप्रैल में खत्म हो गया था, फिर भी ईरान उन्हें जाने नहीं दे रहा था। सूत्रों के अनुसार, मानसिक तनाव और विपरीत परिस्थितियों के कारण 8 जुलाई 2026 को ईरान में ही उन्हें दिल का दौरा (Heart Attack) भी पड़ा था।
जंग के बीच कैसे मुमकिन हुई रिहाई?
वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच भीषण हवाई हमले और सैन्य टकराव चल रहा है, जिसके कारण खाड़ी देशों में युद्ध का माहौल है। ऐसे खतरनाक दौर में डेना की रिहाई के पीछे बैक-चैनल कूटनीति काम कर रही थी:
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय की सूची: अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने ईरान के साथ कूटनीति का नेतृत्व कर रहे अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) को उन अमेरिकियों की एक सूची सौंपी थी जिन्हें ईरान ने गलत तरीके से रोक रखा था। इस लिस्ट में डेना करारी का नाम प्रमुखता से शामिल था।
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डोनाल्ड ट्रंप के प्रयास: डेना के वकील ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निरंतर और असाधारण दबाव के कारण ही ईरान डेना को छोड़ने पर मजबूर हुआ।
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सुरक्षित वापसी: रिहाई के तुरंत बाद डेना करारी को ईरान से बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया है और वे अमेरिका के लिए उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की है कि उनकी सेहत अब ठीक है।
क्या यह अमेरिका-ईरान समझौते का हिस्सा है?
गौरतलब है कि पिछले महीने ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम को लेकर एक आपसी सहमति (MoU) बनी थी, जिस पर हालिया हमलों के बाद अब खतरा मंडरा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की रिहाई उस MoU का हिस्सा नहीं थी। ऐसे में युद्ध के चरम फेज में पहुंचने के बावजूद ईरान द्वारा डेना करारी को छोड़ना कूटनीतिक रूप से एक बेहद अप्रत्याशित कदम माना जा रहा है।
हालांकि, अभी भी कामरान हिकमती और रज़ा वलीज़ादेह जैसे कई अन्य अमेरिकी नागरिक ईरान की बदनाम 'इविन जेल' (Evin Prison) में बंद हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए अमेरिकी प्रशासन लगातार दबाव बना रहा है।