Jammu Kashmir Flood Alert: सलाल और बगलिहार डैम से चिनाब नदी में छोड़ा जाएगा पानी, 26 जुलाई तक हाई अलर्ट जारी; तटीय इलाकों के लोग रहें सावधान
जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के बीच एक बड़ी प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चेतावनी सामने आई है। चिनाब नदी (Chenab River) के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने 26 जुलाई 2026 तक के लिए एक व्यापक हाई अलर्ट जारी किया है।
अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र के दो सबसे प्रमुख जलविद्युत प्रोजेक्ट्स—सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन (Salal Dam) और बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Baglihar Dam) के जलाशयों में पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। बांधों की सुरक्षा और अतिरिक्त पानी को नियंत्रित करने के लिए चिनाब नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाना तय हुआ है, जिसके कारण नदी के निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
सलाल और बगलिहार बांध से बढ़ेगा खतरा: प्रशासनिक गाइडलाइन
प्रशासन और नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) ने संयुक्त रूप से नागरिक सुरक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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26 जुलाई तक सख्त नाकेबंदी: चिनाब नदी के किनारे बसे गांवों, कस्बों और बस्तियों के लोगों को नदी के नजदीक न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। 26 जुलाई 2026 तक नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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मवेशियों और नावों पर पाबंदी: चरवाहों को अपने मवेशियों (गाय, भैंस, बकरियां) को नदी के पास ले जाने से मना किया गया है। साथ ही स्थानीय नाविकों और मछुआरों को भी इस अवधि के दौरान पानी में न उतरने की चेतावनी दी गई है।
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फ्लश गेट खोलने की प्रक्रिया: बांधों के फ्लश गेट (Sluice Gates) खोले जाने के समय अचानक पानी का बहाव बेहद तेज हो जाएगा। इससे नदी के किनारे तेजी से कटान हो सकता है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।
इन जिलों और इलाकों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर
चिनाब नदी का बहाव क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरता है। इस अलर्ट का सीधा असर निम्नलिखित क्षेत्रों पर पड़ेगा:
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रामबन और डोडा: बगलिहार बांध से पानी छोड़े जाने के कारण इन पहाड़ी जिलों के नदी तटीय रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
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रियासी (Reasi): सलाल बांध इसी जिले में स्थित है, इसलिए बांध के निचले प्रवाह (Downstream) वाले गांवों में अलर्ट का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।
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अखनूर (Akhnoor) और जम्मू: चिनाब नदी जब मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है, तो अखनूर के घाटों पर जलस्तर तेजी से बढ़ता है। यहां की स्थानीय पुलिस और SDRF की टीमों को चौबीसों घंटे निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया है।
आपातकालीन तैयारियां और सुरक्षा अलर्ट
बाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:
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SDRF और पुलिस हाई अलर्ट पर: राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों को लाइफ-जैकेट्स, नावों और अन्य रेस्क्यू उपकरणों के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
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कंट्रोल रूम स्थापित: किसी भी आपातकालीन स्थिति या जलस्तर की ताजा जानकारी के लिए जिला मुख्यालयों पर 24/7 काम करने वाले आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (Emergency Control Rooms) सक्रिय कर दिए गए हैं।
आम नागरिकों से अपील: प्रशासन ने लोगों से पैनिक (घबराने) न होने की अपील की है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। जब तक बांधों से पानी का डिस्चार्ज सामान्य नहीं हो जाता और 26 जुलाई की समयसीमा समाप्त नहीं होती, तब तक नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही समझदारी है।