बारिश बनी काल! पाकिस्तान में भारी तबाही के बीच ढही मकान की छत, 7 साल के मासूम की दर्दनाक मौत; कई इलाके जलमग्न

बारिश बनी काल! पाकिस्तान में भारी तबाही के बीच ढही मकान की छत, 7 साल के मासूम की दर्दनाक मौत; कई इलाके जलमग्न

पड़ोसी देश पाकिस्तान में मौसम का मिजाज अचानक बदलने और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण जलभराव और जर्जर इमारतों के ढहने की कई दुखद घटनाएं सामने आ रही हैं। सबसे हृदयविदारक हादसा उस वक्त हुआ जब तेज बारिश और सीलन की वजह से एक पुराने रिहायशी मकान की छत अचानक भरभरा कर नीचे आ गिरी। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू किया। जब तक मलबे से बच्चे को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमें, मलबे से निकाले गए घायल अस्पताल में भर्ती

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू 1122 की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत कर्मियों ने भारी मशीनरी और कटर की मदद से कंक्रीट और गर्डर के मलबे को हटाकर फंसे हुए अन्य लोगों को बाहर निकाला। मलबे से सुरक्षित निकाले गए घायलों में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में दो लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका सघन इलाज चल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव वित्तीय और चिकित्सा सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं मौसम विभाग और स्थानीय अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान पुरानी और जर्जर इमारतों में रहने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

कई शहर और रिहायशी कॉलोनियां बनीं तालाब, सीवेज सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त

लगातार हो रही बारिश के कारण देश के कई प्रमुख शहरों, कस्बों और निचले रिहायशी इलाकों में स्थिति बेहद विकराल हो गई है। सड़कों पर कई-कई फीट पानी जमा होने के कारण मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे यातायात व्यवस्था ठप पड़ गई है। नालों और सीवेज लाइनों की समय पर सफाई न होने के कारण गंदा पानी उफनकर लोगों के घरों और दुकानों में घुस गया है, जिससे लाखों रुपये के घरेलू सामान और व्यापारिक सामग्री को भारी नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में खड़ी गाड़ियां पानी में तैरती नजर आ रही हैं। भारी जलभराव के चलते बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर पानी में डूब गए हैं, जिससे संभावित शॉर्ट सर्किट और करंट लगने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कई फीडरों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी है।

ब्लैकआउट और बुनियादी सुविधाओं की किल्लत से बेहाल हुए आम नागरिक

पानी भरने और बिजली कटौती के कारण लाखों परिवारों को पीने के साफ पानी और बुनियादी सुविधाओं की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपने घरों की छतों पर रात बिताने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन पानी की निकासी के लिए डीवाटरिंग पंपों का सहारा ले रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और ड्रेनेज सिस्टम की बदहाली के कारण पानी निकालने की कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। स्थानीय व्यापारिक संगठनों और नागरिकों ने नगर निगम और सरकारी विभागों की विफलता पर कड़ा आक्रोश जताया है। लोगों का कहना है कि हर साल मानसूनी और बेमौसम बारिश से पहले ड्रेनेज सुधार के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही जोरदार बारिश में व्यवस्था का खोखलापन उजागर हो जाता है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, आगामी दिनों में और बिगड़ सकते हैं हालात

मौसम विज्ञान विभाग (PMD) ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए और अधिक भारी बारिश तथा गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। चेतावनी के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने से पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और मैदानी भागों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का गंभीर खतरा बना हुआ है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रहने और आपातकालीन आश्रय स्थल तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, बिजली के तारों और खंभों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।