जेफ्री एपस्टीन का काला सच: महिलाओं को कैसे फंसाता था सेक्स ऑफेंडर? सर्वाइवर जूलिया मोलचानोवा ने खोले डरावने राज

जेफ्री एपस्टीन का काला सच: महिलाओं को कैसे फंसाता था सेक्स ऑफेंडर? सर्वाइवर जूलिया मोलचानोवा ने खोले डरावने राज

दुनिया के सबसे कुख्यात अपराधियों और सेक्स ऑफेंडर के रूप में पहचाने जाने वाले जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) के काले कारनामों से जुड़े एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाले खुलासे ने पूरी दुनिया को एक बार फिर से स्तब्ध कर दिया है। अमेरिका में न्याय और सच्चाई की तलाश के बीच एपस्टीन की गिरफ्त और अत्याचारों का शिकार रही सर्वाइवर जूलिया मोलचानोवा (Julia Molchanova) ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी आपबीती दुनिया के सामने रखी है। प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' को दिए गए एक विस्तृत और दिल दहला देने वाले इंटरव्यू में जूलिया ने विस्तार से बताया है कि कैसे यह शातिर अपराधी कम उम्र की भोली-भाली लड़कियों और महिलाओं को फैशन इंडस्ट्री में करियर और बेहतर भविष्य का झूठा लालच देकर अपने जाल में फंसाता था और फिर उन्हें मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का एक लंबा सिलसिला शुरू करता था। इस खुलासे के बाद एक बार फिर से उस दौर के रसूखदार लोगों और एपस्टीन के गुप्त नेटवर्क की चर्चा तेज हो गई है।

कैसे हुई थी जूलिया की एपस्टीन से मुलाकात और क्या था झांसा

मूल रूप से रूस की रहने वाली जूलिया मोलचानोवा जब महज 22 वर्ष की थीं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए न्यूयॉर्क आई थीं, तब उनकी पहली मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। उस वक्त जूलिया को अंग्रेजी भाषा का ज्ञान नहीं था और वह शहर में नई थीं, जिसका फायदा उठाकर एपस्टीन ने सड़क पर उनसे बेहद दोस्ताना और मददगार अंदाज में बातचीत की, जिससे जूलिया को उस पर किसी भी तरह का कोई शक नहीं हुआ और दोनों ने अपने फोन नंबर आपस में बदल लिए। इसके अगले ही दिन शातिर एपस्टीन ने उन्हें नाश्ते पर आमंत्रित किया और उनकी निजी जिंदगी तथा करियर के बारे में लंबी बातचीत की। बातचीत के दौरान जब एपस्टीन को यह पता चला कि जूलिया अपने किसी पारिवारिक रिश्ते में काफी परेशान हैं और उन्हें फैशन तथा डिजाइनिंग के क्षेत्र में गहरी दिलचस्पी है, तो उसने इसे अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। एपस्टीन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह फैशन इंडस्ट्री में उनकी पूरी मदद करेगा और न्यूयॉर्क के दुनिया के मशहूर 'फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (Fashion Institute of Technology) में उनका दाखिला करवा देगा। इसी झूठे और लुभावने झांसे में आकर जूलिया न्यूयॉर्क चली गईं और यहीं से उनके जीवन के सबसे डरावने अध्यायों की शुरुआत हुई।

'असिस्टेंट' शब्द की आड़ में चलता था शोषण का पूरा खेल

जूलिया मोलचानोवा ने अपने इस सनसनीखेज खुलासे में बताया कि एपस्टीन बेहद शातिर तरीके से अपने घर आने-जाने वाले बड़े और रसूखदार लोगों के सामने पीड़िताओं को अपनी 'असिस्टेंट' (Assistant) कहकर मिलवाता था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी पेशेवर पद का नाम नहीं बल्कि सिर्फ एक कानूनी पर्दाफाश और ढाल था, जिसका इस्तेमाल वह घर के बंद दरवाजों के पीछे चलने वाले काले कारनामों और शारीरिक शोषण को दुनिया की नजरों से छिपाने के लिए करता था। जूलिया के मुताबिक एपस्टीन एक अत्यंत चालाक और मानसिक रूप से बीमार इंसान था, जो धीरे-धीरे लोगों की जिंदगी पर पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लेता था। उसने महिलाओं की जिंदगी के हर छोटे-बड़े हिस्से पर सख्त पाबंदियां लगा रखी थीं। वह अपनी नियंत्रण की प्रवृत्ति के तहत महिलाओं के आर्थिक खर्चों पर भी पूरी नजर रखता था। जूलिया ने बताया कि हालांकि एपस्टीन महिलाओं को अपने पास रखने के लिए क्रेडिट कार्ड देता था, लेकिन बदले में उन्हें एक-एक पाई का हिसाब देना पड़ता था और हर खरीदारी की रसीद की फोटो संभाल कर रखनी होती थी। इसके अलावा वह महिलाओं को यह तक निर्देश देता था कि उन्हें किस तरह के कपड़े पहनने हैं, उनके बाल कैसे होने चाहिए और उनका शारीरिक वजन कितना होना चाहिए।

24-24 घंटे कमरे में कैद रखना और मानसिक प्रताड़ना की इंतहा

पीड़ित महिला ने दर्दनाक दास्तां साझा करते हुए बताया कि एपस्टीन महिलाओं को उनके परिवार, दोस्तों और बाहरी दुनिया से पूरी तरह से काट देता था, और उन्हें अपने निजी और एकांत टापुओं (Private Islands) पर ले जाता था, जहां से भागना असंभव था। महिलाओं को लगातार एपस्टीन को धन्यवाद के लंबे मैसेज भेजने होते थे और यदि कोई गलती से भी ऐसा करने से मना कर देती थी, तो वह बुरी तरह चिल्लाता और गुस्सा करता था। सजा के तौर पर महिलाओं को कई-कई घंटों या 24-24 घंटे तक लगातार एक ही कमरे में बंद करके रखा जाता था, जिससे वे मानसिक रूप से पूरी तरह टूट जाती थीं। जूलिया ने बताया कि उस दौरान वह लगातार गंभीर डिप्रेशन और मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। एक बार जब उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति सुधारने के लिए एपस्टीन से किसी डॉक्टर या थेरेपिस्ट (Therapist) के पास जाने की अनुमति मांगी, तो उसने बेहद कड़ाई से साफ इनकार कर दिया। चूंकि एपस्टीन के संबंध देश के शीर्ष राजनेताओं, उद्योगपतियों और रसूखदार हस्तियों के साथ थे, इसलिए वह बेहद ताकतवर था। जूलिया के मन में अपनी जान का इतना खौफ समाया हुआ था कि उन्होंने कभी भी पुलिस या स्थानीय प्रशासन के पास जाकर मदद मांगने की हिम्मत नहीं जुटाई।

धोखाधड़ी का खुलासा और 2019 का वह निर्णायक मोड़

सालों तक खौफ के साए में जीने के बाद आखिरकार साल 2019 की शुरुआत में इस पूरी धोखाधड़ी का पर्दाफाश होना शुरू हुआ। जब जूलिया ने एक क्रेडिट-मॉडिटरिंग ऐप (Credit-Monitoring App) की मदद से अपनी वित्तीय स्थिति की जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि उन्हें पता चला कि उनके नाम पर ऐसे कई क्रेडिट कार्ड और भारी-भरकम खरीदारी दर्ज थीं, जिनके बारे में उन्हें रत्तीभर भी जानकारी नहीं थी। इसके बाद हिम्मत जुटाकर 4 अप्रैल 2019 को उन्होंने एपस्टीन को एक कड़ा संदेश भेजकर अपनी जिंदगी को पूरी तरह से सामान्य करने की इच्छा जताई और साफ कर दिया कि वह उनके द्वारा बनाए गए किसी भी फर्जी दस्तावेज या छद्म नाम से पूरी तरह अनजान हैं। जूलिया का यह साहसिक बयान आज दुनिया भर में उन तमाम महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गया है जो ताकतवर लोगों के जुल्मों के खिलाफ बोलने की हिम्मत जुटा रही हैं, और यह मामला न्याय व्यवस्था के सामने एक बार फिर से कई बड़े सवाल खड़े कर गया है।