पाकिस्तान के पंजाब को भारत से नहीं, अपने ही इन दो प्रांतों से है सबसे बड़ा खतरा; मरियम नवाज के इस बड़े दावे ने मचाई खलबली

पाकिस्तान के पंजाब को भारत से नहीं, अपने ही इन दो प्रांतों से है सबसे बड़ा खतरा; मरियम नवाज के इस बड़े दावे ने मचाई खलबली

पाकिस्तान (Pakistan) के राजनीतिक और सामरिक गलियारों में इस समय एक ऐसा विस्फोटक बयान सामने आया है जिसने देश के भीतर और बाहर खलबली मचा दी है। पाकिस्तान के सबसे रसूखदार और बड़े प्रांत पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज (Maryam Nawaz) ने लाहौर (Lahore) में एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान खुले तौर पर यह स्वीकार किया है कि उनके प्रांत को पारंपरिक दुश्मन देश भारत (India) से उतना खतरा नहीं है, जितना खतरा उन्हें अपने ही देश के अन्य पड़ोसी प्रांतों यानी खैबर पख्तूनख्वाह (Khyber Pakhtunkhwa) और बलूचिस्तान (Balochistan) से महसूस हो रहा है। शनिवार को लाहौर में प्रांतीय इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड थ्रेट असेसमेंट सेंटर (PIFTAC) और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मरियम नवाज ने यह सनसनीखेज बयान दिया, जिसके बाद से पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों द्वारा लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

प्रांतीय सीमाओं और त्रि-सीमा क्षेत्र से पंजाब में घुसपैठ करते हैं आतंकवादी

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह एक विडंबना और दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई है कि पंजाब को सबसे बड़ा खतरा बाहरी देशों से कहीं ज्यादा अपने ही मुल्क के भीतर स्थित पड़ोसी प्रांतों से मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय आतंकवाद और चरमपंथ की जड़ें इन्हीं प्रांतीय सीमाओं और संवेदनशील त्रि-सीमा क्षेत्रों (Tri-border areas) में फैली हुई हैं, जहां से आतंकवादी और असामाजिक तत्व आसानी से घुसपैठ करके पंजाब की सीमा में प्रवेश करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी संतोष जताया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद पंजाब देश का एक सुरक्षित और शांत प्रांत बना हुआ है, क्योंकि यहां की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए सरकार दिन-रात कड़े कदम उठा रही है। पारंपरिक रूप से पाकिस्तानी सेना और वहां की सत्ता में बैठे हुक्मरान हमेशा से देश के भीतर होने वाले हर बड़े आतंकवादी हमले के तार भारत या अफगानिस्तान से जोड़ने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब किसी शीर्ष प्रांतीय नेता ने सार्वजनिक मंच से यह स्वीकार किया है कि पंजाब के लिए तात्कालिक और सबसे बड़ा खतरा बाहरी हमले से ज्यादा आंतरिक घुसपैठ और दूसरे प्रांतों से आने वाले चरमपंथी तत्वों से है।

सुरक्षा व्यवस्था को पूर्वानुमान आधारित बनाने के लिए लॉन्च हुआ AI हब और PIFTAC

इस आंतरिक खतरे से प्रभावी तरीके से निपटने और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए ही पंजाब सरकार ने लाहौर में प्रांतीय इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड थ्रेट असेसमेंट सेंटर (PIFTAC) और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब की स्थापना की है। मरियम नवाज के अनुसार, ये नए डिजिटल केंद्र सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से बदलकर रख देंगे और पारंपरिक 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) व्यवस्था से आगे बढ़कर इसे 'पूर्वानुमान आधारित' (Predictive) सुरक्षा प्रणाली में तब्दील कर देंगे, जिससे किसी भी संभावित खतरे का अंदेशा होने से पहले ही उसका सटीक पता लगाया जा सके। इन उच्चस्तरीय तकनीकी केंद्रों की मदद से जिला समन्वय समितियों को रियल-टाइम डिजिटल अलर्ट प्राप्त होंगे, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सेकंडों में संभव हो सकेगा और किसी भी नई सुरक्षा चुनौती पर समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने गर्व के साथ यह भी बताया कि पाकिस्तानी सेना और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों के आपसी सहयोग से महज कुछ ही महीनों के भीतर एआई तकनीक को प्रांत की सुरक्षा और खुफिया तंत्र में पूरी तरह से शामिल कर लिया गया है, और इस प्रकार पंजाब देश का ऐसा पहला प्रांत बन गया है जहां प्रांतीय स्तर पर इस तरह का एडवांस एआई इंटेलिजेंस हब स्थापित किया गया है।

नदी किनारे के कच्चे इलाकों पर कड़ा नियंत्रण और अपराध दर में भारी गिरावट का दावा

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने राज्य के नदी किनारे वाले कुख्यात 'कच्चा' (Katcha) इलाकों का भी विशेष रूप से जिक्र किया, जो अतीत में खूंखार आतंकवादियों, कुख्यात अपहरणकर्ताओं और बड़े अपराधियों का सबसे सुरक्षित अड्डा माने जाते थे, लेकिन अब सरकार और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई से वहां राज्य की पकड़ पूरी तरह से बहाल हो चुकी है। इन संवेदनशील नदीवर्ती इलाकों में स्थापित संयुक्त पुलिस चेकपोस्टों को अब अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ सुरक्षा सुरक्षा कवच, थर्मल इमेजिंग कैमरे और नाइट-विजन उपकरणों से लैस कर दिया गया है ताकि रात के वक्त भी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले जब इन इलाकों में सुरक्षा बलों पर हमले होते थे तो उन्हें भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता था क्योंकि आतंकवादियों और अपराधियों के पास अत्याधुनिक और बेहतर हथियार हुआ करते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। मरियम नवाज ने यह भी दावा किया कि जब से उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है, तब से प्रांत के भीतर कुल आपराधिक मामलों में लगभग 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल लंबी-चौड़ी सड़कें और बड़ी विकास परियोजनाएं बना देना ही काफी नहीं है, क्योंकि यदि राज्य का आम नागरिक अपने ही घर और संपत्ति में सुरक्षित महसूस नहीं करता है, तो ऐसे विकास का कोई भी वास्तविक अर्थ नहीं रह जाता है।

मरियम नवाज के इस विवादित बयान के बाद पाकिस्तान में गरमाई सियासत

मुख्यमंत्री मरियम नवाज का यह तीखा और वास्तविकता को उजागर करने वाला बयान सामने आते ही पूरे पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों, विशेषकर इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) और अन्य नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना बयान देश के भीतर प्रांतीय सद्भाव को गंभीर रूप से बिगाड़ने वाला है और यह खैबर पख्तूनख्वाह की जनता तथा वहां के स्वाभिमान का सीधा अपमान है, इसलिए मुख्यमंत्री को तुरंत अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए और इसे वापस लेना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों और आलोचकों का यह भी कहना है कि खैबर पख्तूनख्वाह और बलूचिस्तान के इलाके पिछले कई दशकों से आतंकवाद की सबसे भयानक और भारी कीमत चुका रहे हैं और वहां के लोग लगातार हिंसा झेल रहे हैं, ऐसे में देश के ही एक अन्य प्रांत की मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार की बयानबाजी करना राष्ट्रीय एकता और अखंडता को कमजोर करने का काम करता है। दूसरी तरफ, खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी मरियम नवाज के इस बयान को पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में यह मुद्दा एक बहुत बड़ा और ज्वलनशील विवाद बनने वाला है।