यूपी के देवरिया निवासी भारतीय नाविक की मौत, क्रू में शामिल थे 20 भारतीय

यूपी के देवरिया निवासी भारतीय नाविक की मौत, क्रू में शामिल थे 20 भारतीय

पश्चिम एशिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद दिल दहला देने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। ओमान के तटवर्ती समुद्री क्षेत्र में भारत की ओर आ रहे एक बड़े वाणिज्यिक मालवाहक जहाज 'एमवी केप डाओ' (MV Cape Dao) पर बुधवार को अचानक विध्वंसक टॉरपीडो से हमला कर दिया गया। इस भीषण हमले में जहाज पर वाइपर के पद पर तैनात उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले युवा भारतीय नाविक सूरज यादव की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना के वक्त इस जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें से 20 सदस्य भारतीय नागरिक थे।

इस हमले की पुष्टि होने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में हड़कंप मच गया है। वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह के घातक हथियारों के इस्तेमाल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र और हॉर्मुज का समुद्री इलाका आम नागरिक नाविकों के लिए कितना जानलेवा साबित हो रहा है। एंटिगुआ और बारबुडा के ध्वज तले संचालित यह जहाज जब अपने गंतव्य भारत की ओर आगे बढ़ रहा था, उसी दौरान बिना किसी पूर्व चेतावनी के इसे निशाना बनाया गया, जिससे समुद्री व्यापारिक हलकों में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है।

दो टॉरपीडो से दहल उठा एमवी केप डाओ, इंजन रूम और रिहायशी हिस्से में लगी भीषण आग

समुद्री रक्षा और तकनीकी विशेषज्ञों से प्राप्त प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने जहाज को पूरी तरह पंगु बनाने की नीयत से उस पर दो शक्तिशाली टॉरपीडो दागे। पहला टॉरपीडो सीधे जहाज के बाईं ओर स्थित आवासीय क्वार्टर (Accommodation Area) से टकराया, जहां चालक दल के सदस्य विश्राम करते हैं। वहीं दूसरा टॉरपीडो ठीक उसी समय जहाज के बाईं ओर स्थित मुख्य इंजन कक्ष (Engine Room) में जाकर फटा। इन दोहरे धमाकों के कारण जहाज में तुरंत भीषण आग लग गई और चारों तरफ घना धुआं फैल गया।

टॉरपीडो के इस जबरदस्त प्रभाव से जहाज का मुख्य पावर ग्रिड पूरी तरह ठप हो गया, जिससे जहाज की बिजली आपूर्ति पूरी तरह कट गई। इसके साथ ही जहाज की स्टेयरिंग और दिशा नियंत्रण प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया, जिससे अनियंत्रित होकर जहाज समुद्र की लहरों पर डोलने लगा। आपातकालीन सूचना मिलते ही ओमान के तटरक्षक बल (Oman Coast Guard) ने तत्परता दिखाते हुए समुद्र में तत्काल बड़ा राहत और बचाव अभियान शुरू किया। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच तटरक्षक बल ने जलते हुए जहाज से चालक दल के जीवित सदस्यों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।

सिर पर लगी थी जानलेवा चोट, देवरिया में पसरा मातम और परिजनों को दी गई सूचना

दुर्भाग्यवश हमले के वक्त आवासीय और कार्य क्षेत्र के करीब मौजूद भारतीय नाविक सूरज यादव धमाके के तीव्र झटके की चपेट में आ गए। विस्फोट के कारण उनके सिर के पिछले हिस्से में अत्यंत गंभीर और जानलेवा चोटें आईं, जिसके चलते अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। समुद्री प्रशासन और संबंधित शिपिंग एजेंसी ने औपचारिक कानूनी औपचारिकताओं के बाद उत्तर प्रदेश के देवरिया में रहने वाले उनके परिजनों को इस अप्रत्याशित हादसे की सूचना दे दी है। होनहार बेटे की शहादत और असामयिक मौत की खबर मिलते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।

बचाव दल ने जहाज पर मौजूद अन्य सभी 19 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है और उन्हें ओमान के एक सुरक्षित आश्रय स्थल पर पहुंचाया गया है। जानकारी के अनुसार, जहाज पर तैनात एक अन्य भारतीय 'चौथे अभियंता' (Fourth Engineer) को भी इस हमले के दौरान मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। जहाज के मालिक, तकनीकी प्रबंधन और समुद्री बीमा कंपनियां वर्तमान में ओमान के सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।

मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने की हमले की आधिकारिक पुष्टि, राहत कार्यों पर पैनी नजर

ओमान की राजधानी मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस त्रासद घटना की पुष्टि की है। भारतीय दूतावास ने लिखा कि वे भारत की ओर आ रहे वाणिज्यिक जहाज एमवी केप डाओ पर हुए हमले की स्थिति पर लगातार अत्यंत बारीक नजर बनाए हुए हैं। दूतावास के अधिकारी जहाज पर सवार सभी क्रू मेंबर्स, विशेषकर शेष 19 भारतीय नागरिकों की सलामती, भोजन, चिकित्सा और वतन वापसी को लेकर ओमान के शीर्ष नौसैनिक व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चौबीसों घंटे सीधे संपर्क में हैं।

दूतावास ने अपने आधिकारिक संदेश में देवरिया के वीर नाविक की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। भारतीय मिशन ने स्पष्ट किया है कि वे रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस (RPSL) एजेंसी और जहाजरानी मंत्रालय के साथ मिलकर मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत में उनके गृह जनपद भेजने और शोकाकुल परिवार को हरसंभव प्रशासनिक व कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।

फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया का फूटा गुस्सा: 25 सितंबर को काली पट्टी बांधकर विरोध का ऐलान

इस नृशंस और कायरतापूर्ण हमले के बाद नाविकों के प्रमुख राष्ट्रीय संगठन 'फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया' (FSUI) ने अपनी तीखी और गंभीर प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। यूनियन ने नागरिक व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते सैन्य हमलों पर गहरी चिंता जताते हुए केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) से भारतीय नाविकों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। संगठन ने दो टूक कहा कि नागरिक नाविक किसी युद्ध या भू-राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा नहीं होते, वे केवल अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए वैश्विक आपूर्ति शृंखला को चालू रखते हैं, ऐसे में उन पर मिसाइल और टॉरपीडो से हमला होना सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन है।

यूनियन ने इस हमले की उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय जांच कराने, इसके पीछे के जिम्मेदार तत्वों की जवाबदेही तय करने और दिवंगत सूरज यादव के आश्रितों को उचित मुआवजा व न्याय दिलाने की मांग उठाई है। यूनियन ने रेखांकित किया कि हॉर्मुज, लाल सागर और अदन की खाड़ी में काम करने वाले हजारों नाविक रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। इस दर्दनाक घटना के प्रति एकजुटता और विरोध प्रदर्शित करने के लिए फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने घोषणा की है कि आगामी 25 सितंबर को देश और दुनिया भर के भारतीय नाविक अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे।