डोनाल्ड ट्रंप को क्या मिलेगा 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार? युद्ध खत्म करने के दावों में कितना दम?
News India Live, Digital Desk: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चर्चा में है, और इस बार बात हो रही है 2025 के पुरस्कार की. ट्रंप और उनके समर्थक लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आठ युद्धों को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. अब सवाल यह उठता है कि क्या उनके ये दावे इतने मजबूत हैं कि उन्हें दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शांति पुरस्कार से नवाजा जा सके?
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए कई बड़े कदम उठाए, जिनमें "अब्राहम एकॉर्ड्स" (Abraham Accords) जैसे समझौते शामिल हैं. इन समझौतों से इजराइल और कुछ अरब देशों के बीच रिश्तों में ऐतिहासिक सुधार आया. यह उनके कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है. हालांकि, युद्ध खत्म करने के उनके दावों पर हमेशा से बहस होती रही है. आलोचकों का मानना है कि जिन 'युद्धों' को खत्म करने की बात ट्रंप करते हैं, वे असल में संघर्ष विराम या समझौतों के जरिए कम हुए तनाव थे, न कि पारंपरिक अर्थों में बड़े युद्धों का अंत.
नोबेल शांति पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्रों के बीच भाईचारा बढ़ाने, स्थायी सेनाओं को खत्म करने या कम करने, और शांति कांग्रेस आयोजित करने के लिए सबसे अच्छा काम किया हो. अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत में इन्हीं बातों का जिक्र है. ऐसे में, ट्रंप के "आठ युद्ध खत्म करने" के दावे को इस पैमाने पर कैसे देखा जाता है, यह एक अहम सवाल है. क्या उनके प्रयास वास्तव में इतनी बड़ी शांति स्थापित करने वाले थे, जिसके लिए यह पुरस्कार दिया जाए?
ट्रंप को पहले भी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया जा चुका है, लेकिन उन्हें यह पुरस्कार कभी मिला नहीं. 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार अभी दूर है, लेकिन इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या उनके युद्ध खत्म करने के दावे और कूटनीतिक पहल उन्हें इस सम्मान के करीब ला सकती है. यह देखना दिलचस्प होगा कि नोबेल समिति उनके कार्यकाल की उपलब्धियों का मूल्यांकन कैसे करती है.