Wife Property Rights Update:  जानें शादी के बाद प्रॉपर्टी पर पत्नी के अधिकारों का पूरा सच

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Wife Property Rights Update: शादी, दो दिलों के साथ--साथ दो परिवारों का भी मिलन है। लेकिन इस खूबसूरत रिश्ते में अक्सर एक सवाल अनकहा रह जाता है, जो बाद में कई झगड़ों की जड़ बनता है - "पति की संपत्ति पर पत्नी का आखिर कितना हक है?"

क्या शादी होते ही पति की सारी जायदाद आधी-आधी बंट जाती है? क्या पत्नी का उसके पुरखों की जमीन पर भी अधिकार होता है? आज हम कानून की इन उलझी हुई बातों को बिल्कुल आसान भाषा में समझेंगे।

सबसे पहले समझें, संपत्ति दो तरह की होती है

कानून की नजर में पति की सारी संपत्ति एक जैसी नहीं होती।

  1. पति की अपनी कमाई हुई संपत्ति (Self-Acquired): यह वह संपत्ति है जो पति ने अपनी नौकरी, बिजनेस या अपनी मेहनत की कमाई से खरीदी है।
  2. पति की पैतृक संपत्ति (Ancestral): यह वह जायदाद है जो पति को अपने परदादा, दादा या पिता से विरासत में मिली है और जिसका बंटवारा नहीं हुआ है।

तो किस संपत्ति पर है पत्नी का अधिकार?

1. पति की अपनी कमाई हुई संपत्ति पर हक

यह सबसे बड़ा भ्रम है! कानून के अनुसार, पति के जीते-जी, उसकी अपनी कमाई से बनाई गई संपत्ति पर पत्नी का कोई मालिकाना हक नहीं होता। पति अपनी इस संपत्ति को बेचने, दान करने या किसी और के नाम करने के लिए पूरी तरह से आजाद है।

  • तो फिर पत्नी का क्या अधिकार है? पत्नी का सबसे बड़ा अधिकार है 'भरण-पोषण' (Maintenance) का। इसका मतलब है कि पति की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वह अपनी पत्नी को उसी मान-सम्मान और रहन-सहन के स्तर पर रखे, जैसा उसका खुद का है। यह पत्नी का हक है, कोई खैरात या दान नहीं।

2. पति की पैतृक (पुरखों की) संपत्ति पर हक

यहां भी, शादी के बाद पत्नी को सीधे तौर पर कोई मालिकाना हक नहीं मिलता। यह संपत्ति उस परिवार के खून के रिश्तों (बेटे, पोते) में बंटती है। हाँ, अगर पति को इस संपत्ति से कोई आमदनी (जैसे किराया) हो रही है, तो पत्नी के भरण-पोषण का खर्च तय करते समय उस आमदनी को भी गिना जाता है।

पत्नी का असली 'खजाना' - स्त्रीधन (Stridhan)!

यह वह संपत्ति है जिस पर सिर्फ और सिर्फ पत्नी का हक होता है।

  • क्या होता है स्त्रीधन: शादी के समय या उसके बाद, मायके, ससुराल या दोस्तों से मिले सभी गिफ्ट्स (गहने, पैसे, सामान), और साथ ही पत्नी की अपनी कमाई... यह सब 'स्त्रीधन' कहलाता है।
  • कानून क्या कहता है: स्त्रीधन की असली और पूरी मालकिन सिर्फ पत्नी होती है। पति या ससुराल का कोई भी सदस्य उसकी मर्जी के बिना इसे न तो इस्तेमाल कर सकता है, न ही छीन सकता है। अगर कोई ऐसा करता है तो यह एक कानूनी अपराध है। यह आपकी अपनी 'फाइनेंशियल सेफ्टी' है।

सब कुछ बदल जाता है पति की मृत्यु के बाद...
 

यह जानना बहुत जरूरी है। अगर पति की बिना वसीयत बनाए मृत्यु हो जाती है, तो उसकी अपनी कमाई हुई संपत्ति पर पत्नी का मालिकाना हक बन जाता है। कानून के अनुसार, वह संपत्ति पति की "प्रथम श्रेणी के वारिसों" यानी उसकी पत्नी, बच्चों और माँ के बीच बराबर बांटी जाती है।

एक नजर में समझें पूरा हिसाब

संपत्ति का प्रकारक्या पत्नी मालकिन है?क्या भरण-पोषण का हक है?
पति की अपनी कमाईनहीं (पति के जीते-जी)हाँ, यह कानूनी अधिकार है
पति की पैतृक संपत्तिनहींहाँ, पति के हिस्से से
स्त्रीधन (पत्नी के गिफ्ट्स)हाँ, 100% मालकिनलागू नहीं

झगड़ों से कैसे बचें?

  • खुलकर बात करें: पैसों और संपत्ति के बारे में शादी से पहले और बाद में खुलकर और ईमानदारी से बात करना बहुत जरूरी है।
  • वसीयत बनवाएं: हर पति को अपनी संपत्ति के लिए एक वसीयत जरूर बनवानी चाहिए, ताकि उसके बाद परिवार में कोई झगड़ा न हो।
  • दस्तावेज संभालकर रखें: खासकर अपने  'स्त्रीधन' से जुड़े सभी बिल और कागज हमेशा अपने पास संभालकर रखें।

कानून ने महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा, दोनों दिए हैं, बस अपने अधिकारों को सही तरह से समझना जरूरी है।