टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी पर आर या पार की जंग, बांग्लादेश बोर्ड और आईसीसी के बीच क्यों बढ़ी कड़वाहट?

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News India Live, Digital Desk : क्रिकेट प्रेमियों के लिए 'वर्ल्ड कप' सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक त्यौहार जैसा होता है। खासकर जब ये आपके अपने देश की सरजमीं पर हो रहा हो, तो उसका जोश सातवें आसमान पर होता है। लेकिन इस समय बांग्लादेश के क्रिकेट गलियारों में सन्नाटा और बेचैनी दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।

बांग्लादेश में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप (महिला) को लेकर विवाद अब अपने अंतिम मोड़ पर पहुँच चुका है। 24 जनवरी को हुई हलचल के बाद हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है क्या बांग्लादेश से वर्ल्ड कप की मेजबानी छिन जाएगी?

आख़िर मामला क्यों अटका है?
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पिछले काफी समय से तैयारी में जुटा था। ढाका और सिलहट के मैदान सज रहे थे। लेकिन देश में हुए पिछले राजनीतिक बदलावों और सुरक्षा को लेकर बनी अस्थिरता ने आईसीसी (ICC) को सोचने पर मजबूर कर दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे ऊपर होती है। आईसीसी के मन में शंका है कि क्या मौजूदा हालात में टीमें वहां जाकर सुरक्षित महसूस करेंगी?

BCB और आईसीसी की 'खींचतान'
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पूरी कोशिश की कि मेजबानी उनके हाथ से न जाए। उन्होंने सरकार से सुरक्षा की पूरी गारंटी दिलाने और आईसीसी को हर स्तर पर भरोसा दिलाने की कोशिश की। लेकिन बात शायद बन नहीं पा रही है। आज यानी 24 जनवरी को जो ताजा अपडेट आ रहे हैं, उससे साफ़ है कि आईसीसी किसी और विकल्प (जैसे यूएई या कोई और देश) की ओर कदम बढ़ा चुकी है।

फैंस के लिए ये सिर्फ हार नहीं, दर्द है...
एक आम क्रिकेट फैन के नजरिए से देखें तो यह दिल टूटने जैसी खबर है। सोचिये, उन लड़कियों और युवा खिलाड़ियों का क्या होगा जो अपने स्टार्स को अपने घर के सामने खेलते देखना चाहते थे? खेल पर्यटन और देश की छवि के लिए भी यह एक बड़ा झटका हो सकता है।

फिलहाल, बोर्ड अभी भी एक आधिकारिक पत्र और आईसीसी के आखिरी बयान का इंतज़ार कर रहा है। लेकिन संकेत अच्छे नहीं मिल रहे। अगर मेजबानी छिनती है, तो ये बांग्लादेश क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा कड़वा अनुभव होगा।

अब देखना ये है कि क्या आख़िरी समय में कोई चमत्कार होगा या फिर बांग्लादेश को एक मूक दर्शक बनकर वर्ल्ड कप किसी दूसरे देश में होता देखना पड़ेगा।