महज एक रिश्ता निभाने के लिए खुद को क्यों मिटाना? शेफाली शाह की आपबीती, जो हर महिला को सोचने पर मजबूर कर देगी
News India Live, Digital Desk: आजकल की दुनिया में तलाक या रिश्तों का टूटना आम बात लगती है, लेकिन जिस दौर में शेफाली शाह ने अपनी पहली शादी खत्म करने का फैसला लिया था, तब "लोग क्या कहेंगे" का डर कहीं ज्यादा बड़ा था। शेफाली की पहली शादी मशहूर अभिनेता हर्ष छाया के साथ हुई थी। हर रिश्ते की तरह शुरुआत अच्छी रही, लेकिन धीरे-धीरे उस रिश्ते में वो घुटन महसूस होने लगी जिसे बयां करना मुश्किल था।
वो एक अहसास जिसने सब बदल दिया
शेफाली ने एक हालिया बातचीत में खुलासा किया कि उन्हें उस समय ऐसा महसूस होने लगा था कि अगर वे उस रिश्ते में रहीं, तो यह उन्हें "मार डालेगा।" यहाँ 'मौत' का मतलब शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक मौत थी। उन्हें लगने लगा था कि वे अपनी पहचान खोती जा रही हैं और एक ऐसा बोझ ढो रही हैं जिसे वे और नहीं उठा सकतीं।
तन्हाई चुनी, पर सुकून पाया
अक्सर लोग इस डर में साथ रहते हैं कि अकेले कैसे रहेंगे। लेकिन शेफाली ने उस 'अकेलेपन' को एक सुरक्षित ठिकाने की तरह देखा। उन्होंने बताया कि उस वक्त उनके लिए अपनी शांति (Peace of mind) सबसे ज्यादा जरूरी थी। उन्होंने उस ज़हरीले माहौल से बाहर निकलना और अकेले रहना बेहतर समझा, बजाय उस रिश्ते में रहने के जो उन्हें हर पल खत्म कर रहा था।
खुश रहना एक 'विकल्प' है
शेफाली की कहानी हमें याद दिलाती है कि समाज चाहे जो भी कहे, अपनी खुशी और गरिमा की जिम्मेदारी हमारी खुद की होती है। उन्होंने उस दौर में खुद को संभाला, अपने करियर पर ध्यान दिया और बाद में निर्माता विपुल शाह के साथ अपनी एक खुशहाल दुनिया बसाई। यह दिखाता है कि एक गलत फैसले पर पूरी जिंदगी रोने के बजाय, उसे पीछे छोड़कर आगे बढ़ना ही सही रास्ता है।
हमारी नजर में...
शेफाली शाह की यह बात उन हजारों महिलाओं (और पुरुषों) के लिए एक संदेश है जो किसी रिश्ते को सिर्फ "निभाने" की खातिर अपनी मानसिक सेहत से समझौता कर लेते हैं। सेल्फ-रेस्पेक्ट (Self-respect) का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
आप शेफाली शाह के इस फैसले को कैसे देखते हैं? क्या आपको भी लगता है कि अपनी खुशी के लिए 'अकेले रहना' किसी टॉक्सिक रिश्ते से कहीं ज्यादा बेहतर है? अपनी राय हमारे साथ जरूर साझा करें।