WHO Warning : आपका कफ सिरप खतरनाक इन 3 सिरप पर देश में लगा बैन, बच्चों को देने से पहले जानें ये बड़ी चेतावनी

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अगर आप अपने बच्चे को खांसी होने पर कफ सिरप देने की सोचते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. पिछले कुछ समय से विश्व स्तर पर कफ सिरप, खासकर बच्चों को दिए जाने वाले, को लेकर गंभीर चिंताएँ सामने आई हैं. अब भारत में भी इस मामले पर सख्त रुख अपनाया गया है. खबरों के अनुसार, कुछ ऐसे कफ सिरप पर देश में पाबंदी लगाने या उनके इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है, जिन्हें बच्चों के लिए असुरक्षित पाया गया है. डॉक्टर्स ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को खांसी होने पर कफ सिरप देते समय विशेष सावधानी बरतें.

किन कफ सिरप पर लगी है पाबंदी/एडवाइजरी?

हालांकि खबर में तीन कफ सिरप के नाम स्पष्ट नहीं किए गए हैं, लेकिन यह संभवतः उन सिरप के बारे में है जिनमें कुछ खास तत्व जैसे फोकॉडीन (Pholcodine), या कुछ डीकंजेस्टेंट (Decongestants) और एंटीहिस्टामाइन (Antihistamines) पाए जाते हैं. ये तत्व छोटे बच्चों के लिए प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं, खासकर नींद, सुस्ती, दौरे या साँस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएँ पैदा कर सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी पहले कुछ ऐसे कफ सिरप पर चेतावनी जारी कर चुका है.

बच्चों को खांसी होने पर कफ सिरप देते समय क्या सावधानी बरतें? (डॉक्टर्स की सलाह):

  1. छोटे बच्चों को कफ सिरप न दें: 6 महीने से 2 साल तक के बच्चों के लिए अधिकांश कफ सिरप की सलाह नहीं दी जाती है. कुछ विशेषज्ञ तो 6 साल तक के बच्चों को भी इन सिरप से बचने की सलाह देते हैं, जब तक कि डॉक्टर न कहें.
  2. डॉक्टर की सलाह सबसे पहले: बच्चे को कोई भी कफ सिरप देने से पहले हमेशा एक बाल रोग विशेषज्ञ (Paediatrician) से सलाह लें. अपने मन से कोई भी दवा न दें.
  3. सामग्री (Ingredients) चेक करें: कफ सिरप खरीदने से पहले उसके घटकों को ध्यान से पढ़ें. यदि आपको किसी तत्व को लेकर संदेह हो तो फार्मासिस्ट या डॉक्टर से पूछें.
  4. सही खुराक का ध्यान रखें: यदि डॉक्टर ने कोई कफ सिरप सुझाया है, तो बताई गई खुराक (Dosage) से अधिक न दें. ज़्यादा दवा हानिकारक हो सकती है.
  5. नैचुरल उपायों पर जोर: हल्की खांसी होने पर, शहद (1 साल से बड़े बच्चों के लिए), गर्म पानी, नमक के पानी के गरारे या सूप जैसे घरेलू और प्राकृतिक उपायों पर ज़्यादा ध्यान दें.
  6. लक्षणों पर नज़र रखें: यदि बच्चे को कफ सिरप देने के बाद कोई असामान्य लक्षण जैसे अत्यधिक सुस्ती, बेचैनी, साँस लेने में कठिनाई या दाने दिखें तो तुरंत दवा बंद करें और डॉक्टर से संपर्क करें.
  7. खाँसी के कारण को समझें: खाँसी खुद एक बीमारी नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी समस्या का लक्षण होती है. इसका कारण जानने की कोशिश करें (एलर्जी, इन्फेक्शन, अस्थमा) और उसी हिसाब से इलाज कराएं.

यह जरूरी है कि अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और दवा देने में पूरी सावधानी बरतें.