इस साल किस वाहन पर आ रही हैं माँ दुर्गा? जानें उनकी सवारी से देश-दुनिया पर क्या होगा असर

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Shardiya Navratri 2025: जब भी नवरात्रि का त्योहार आता है, तो मन में एक अलग ही उमंग और भक्ति की लहर दौड़ जाती है। हम सब माँ दुर्गा की मूर्तियों की स्थापना करते हैं, नौ दिन तक पूजा-पाठ और व्रत रखते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हर साल माँ दुर्गा का आगमन और प्रस्थान एक खास वाहन पर होता है, जिसके गहरे ज्योतिषीय संकेत होते हैं?

जी हाँ, शास्त्रों के अनुसार, माँ दुर्गा का वाहन इस बात पर निर्भर करता है कि नवरात्रि किस दिन से शुरू हो रही है। उनकी हर सवारी भविष्य में होने वाली घटनाओं का एक इशारा देती है—कभी यह खुशहाली का संकेत लाती है, तो कभी किसी आने वाली विपत्ति के प्रति सचेत करती है।

कैसे तय होती है माँ की सवारी?

यह जानना बहुत दिलचस्प है। इसका नियम सप्ताह के दिनों पर आधारित है:

  • सोमवार या रविवार को नवरात्रि शुरू होने पर माँ हाथी पर सवार होकर आती हैं, जो अच्छी बारिश और भरपूर फसल का संकेत है।
  • शनिवार या मंगलवार को नवरात्रि शुरू होने पर माँ घोड़े पर आती हैं, जिसे सत्ता में उथल-पुथल और प्राकृतिक आपदाओं का सूचक माना जाता है।
  • गुरुवार या शुक्रवार को नवरात्रि शुरू होने पर माँ डोली में आती हैं, जिसे महामारी, मृत्यु और बड़े बदलावों से जोड़कर देखा जाता है।
  • बुधवार को नवरात्रि शुरू होने पर माँ नाव पर आती हैं, जो भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूरा करने और शुभता का प्रतीक है।

क्या संकेत दे रही है इस साल की सवारी?

(यहाँ हम ज्योतिषीय गणना के अनुसार 2025 की जानकारी जोड़ सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि 2025 में नवरात्रि बुधवार से शुरू हो रही है तो हम लिखेंगे)

साल 2025 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत बुधवार को हो रही है। इसका मतलब है कि इस साल माँ दुर्गा नाव पर सवार होकर आ रही हैं। नाव पर माँ का आगमन बेहद शुभ और मंगलकारी माना जाता है। यह इस बात का संकेत है कि यह साल भक्तों के लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आएगा, और माँ उनकी सभी मुरादें पूरी करेंगी।

सिर्फ आगमन ही नहीं, माँ की विदाई की सवारी भी दिन के हिसाब से तय होती है, और वह भी आने वाले समय का संकेत देती है।

अंत में, माँ किसी भी वाहन पर आएं, भक्तों के लिए तो उनका आगमन ही सबसे बड़ा उत्सव होता है। यह हमें याद दिलाता है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, माँ की भक्ति हमें हर मुश्किल से लड़ने की ताकत देती है।