ITR की आखिरी तारीख... बढ़ेगी या नहीं? लाखों करदाता सरकार से लगा रहे हैं उम्मीद

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जुलाई का महीना आते ही नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के बीच एक अलग ही तरह का 'त्योहार' शुरू हो जाता है, जिसका नाम है - ITR फाइलिंग! जैसे-जैसे 31 जुलाई की आखिरी तारीख नजदीक आती है, चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ्तरों में भीड़ बढ़ जाती है, इनकम टैक्स की वेबसाइट पर ट्रैफिक बढ़ जाता है, और लोगों की धड़कनें भी तेज हो जाती हैं।

हर साल की तरह, इस साल भी यही माहौल है। और इसी माहौल के बीच वह एक सवाल फिर से हवा में तैरने लगा है, जिसका जवाब लाखों करदाता सुनना चाहते हैं - "क्या इस साल भी सरकार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख बढ़ाएगी?"

यह सवाल सिर्फ आलस का नहीं, बल्कि कई वास्तविक समस्याओं का भी नतीजा है। चलिए, समझते हैं कि आखिर तारीख बढ़ाने की मांग क्यों उठ रही है और सरकार का इस पर क्या मूड लग रहा है।

क्यों उठ रही है तारीख बढ़ाने की मांग?

करदाता और टैक्स प्रोफेशनल्स तारीख बढ़ाने के पीछे कुछ ठोस वजहें बता रहे हैं:

  1. इनकम टैक्स पोर्टल की तकनीकी दिक्कतें: अक्सर आखिरी दिनों में इनकम टैक्स के नए पोर्टल पर बहुत ज्यादा लोड पड़ने से वह स्लो हो जाता है या उसमें कुछ तकनीकी खामियां (glitches) आने लगती हैं, जिससे लोगों को ITR भरने में परेशानी होती है।
  2. बाढ़ और प्राकृतिक आपदाएं: देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे में, वहां के लोगों के लिए समय पर रिटर्न फाइल कर पाना लगभग नामुमकिन होता है।
  3. फॉर्म-16 और डेटा मिलने में देरी: कई बार कंपनियों की तरफ से कर्मचारियों को फॉर्म-16 मिलने में देरी हो जाती है। इसके अलावा, AIS और TIS (एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी) में दी गई जानकारी का मिलान करने में भी काफी समय लगता है।

लेकिन, सरकार का क्या है मूड?

अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर। पिछले कुछ सालों का ट्रेंड देखें, तो सरकार अब तारीखें बढ़ाने के मूड में बिल्कुल नहीं दिखती है।

  • सख्त रवैया: सरकार का मानना है कि वह टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने के लिए अप्रैल से जुलाई तक का, यानी पूरे चार महीने का पर्याप्त समय देती है।
  • बेहतर पोर्टल का दावा: सरकार का दावा है कि नया इनकम टैक्स पोर्टल अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और बेहतर है, और वह आखिरी दिनों का लोड सह सकता है।
  • अनुशासन का पाठ: सरकार चाहती है कि लोग आखिरी तारीख का इंतजार करने की आदत छोड़ें और समय पर अपना रिटर्न फाइल करें।

तो क्या आपको इंतजार करना चाहिए? बिल्कुल नहीं!

चाहे डेडलाइन बढ़ने की कितनी भी उम्मीद क्यों न हो, आखिरी तारीख का इंतजार करना एक बहुत बड़ा जुआ साबित हो सकता है। अगर आप 31 जुलाई 2025 तक अपना ITR फाइल नहीं करते हैं, तो आपको ये बड़े नुकसान उठाने पड़ सकते हैं:

  • भारी जुर्माना (Late Fee): आपको 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है (5 लाख से कम आय वालों के लिए 1,000 रुपये)।
  • ब्याज का नुकसान: अगर आपका कोई रिफंड बन रहा है, तो उस पर मिलने वाले ब्याज से आपको हाथ धोना पड़ेगा।
  • घाटे को आगे ले जाने का मौका खत्म: अगर आपको बिजनेस या शेयर मार्केट में कोई घाटा हुआ है, तो आप उसे अगले साल के मुनाफे से एडजस्ट नहीं कर पाएंगे।