Bhulekh Online 2026: अब लेखपाल के चक्कर काटना बंद! सिर्फ नाम से पता करें किसके पास है कितनी जमीन, यहाँ देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
यूटिलिटी डेस्क, प्रयागराज। जमीन की खरीद-फरोख्त हो, बैंक से लोन लेना हो या पारिवारिक बंटवारा, अक्सर हमें यह जानने की जरूरत होती है कि जमीन का असली मालिक कौन है। पहले इस एक छोटी सी जानकारी के लिए तहसील के चक्कर काटने पड़ते थे और लेखपाल (पटवारी) की मिन्नतें करनी पड़ती थीं। लेकिन अब Digital India Land Records Modernization Programme (DILRMP) के तहत पूरी तस्वीर बदल चुकी है। साल 2026 में भारत के लगभग सभी राज्यों ने अपने भूमि रिकॉर्ड को 'भूलेख' पोर्टल पर ऑनलाइन कर दिया है। अब आप घर बैठे मात्र किसी के नाम से उसकी पूरी जमीन की 'कुंडली' निकाल सकते हैं।
ऑनलाइन लैंड रिकॉर्ड: एक क्लिक में खुलेगी जमीन की पूरी 'कुंडली'
जब आप अपने राज्य के भूलेख पोर्टल पर किसी का नाम सर्च करते हैं, तो आपको केवल मालिकाना हक ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिलती हैं:
खसरा और खतौनी नंबर: जमीन की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाले यूनिक कोड।
सटीक क्षेत्रफल: जमीन कितनी बड़ी है (बीघा, एकड़ या हेक्टेयर में इसकी पूरी जानकारी)।
जमीन का प्रकार: क्या वह भूमि खेती योग्य है, आवासीय (Residential) है या व्यावसायिक।
विवाद या लोन की स्थिति: सबसे जरूरी बात—क्या उस जमीन पर बैंक का कोई कर्ज (Mortgage) है या कोई कानूनी स्टे लगा हुआ है।
घर बैठे जमीन का रिकॉर्ड देखने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
डिजिटल इंडिया के इस दौर में अपनी या किसी और की जमीन का ब्यौरा देखना अब बेहद आसान हो गया है। बस इन स्टेप्स को फॉलो करें:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य के भूलेख पोर्टल को ओपन करें (जैसे यूपी के लिए upbhulekh.gov.in, बिहार के लिए land.bihar.gov.in, मध्य प्रदेश के लिए mpbhulekh.gov.in आदि)।
क्षेत्र का चुनाव: होमपेज पर अपने जनपद (District), तहसील और गाँव का चयन करें।
नाम द्वारा खोजें: वहां आपको 'खसरा/गाटा संख्या' या 'खातेदार के नाम द्वारा' खोजने का विकल्प मिलेगा। 'नाम द्वारा' विकल्प पर क्लिक करें।
नाम दर्ज करें: जिस व्यक्ति की जमीन देखनी है, उसका नाम पोर्टल के कीबोर्ड के अनुसार टाइप करें।
विवरण (उद्धरण) देखें: नाम सर्च करने के बाद 'उद्धरण देखें' पर क्लिक करें। सुरक्षा के लिए कैप्चा कोड भरें और जमीन का पूरा ब्यौरा आपकी स्क्रीन पर होगा। आप इसे PDF के रूप में डाउनलोड या प्रिंट भी कर सकते हैं।
इस ऑनलाइन सुविधा के 3 बड़े फायदे
धोखाधड़ी से सुरक्षा: किसी भी जमीन का सौदा करने से पहले आप तुरंत चेक कर सकते हैं कि बेचने वाला व्यक्ति ही असली मालिक है या नहीं।
समय और पैसे की बचत: अब आपको दलालों या सरकारी दफ्तरों की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं है, सारा डेटा आपकी उंगलियों पर है।
पारदर्शिता: रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से कागजों में हेरा-फेरी या नाम बदलने जैसी शिकायतों में भारी कमी आई है।
सरकार की इस पहल से अब आम आदमी को अपनी संपत्ति की सुरक्षा करने और सही निवेश करने में बड़ी मदद मिल रही है। यदि आपके पास भी पुश्तैनी जमीन है, तो एक बार ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना रिकॉर्ड जरूर चेक कर लें।