Sukanya Samriddhi Yojana 2026: बेटी के भविष्य की नो टेंशन! ₹22.50 लाख जमा करने पर मिलेंगे पूरे ₹70 लाख, जानें सरकार की इस सुपरहिट स्कीम का गणित
यूटिलिटी डेस्क, नई दिल्ली। आज के महंगाई के दौर में हर माता-पिता को अपनी लाड़ली की उच्च शिक्षा और शादी के खर्चों की चिंता सताती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी बचत भविष्य में आपकी बेटी के लिए करोड़ों का फंड बन सकती है? भारत सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) साल 2026 में भी निवेश का सबसे सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प बनी हुई है। इस योजना के जरिए आप अपनी बेटी के वयस्क होने तक लाखों-करोड़ों का फंड इकट्ठा कर सकते हैं, ताकि वह अपने सपनों को बेझिझक पूरा कर सके।
सुकन्या समृद्धि योजना: सुरक्षित निवेश और शानदार रिटर्न
सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए तैयार की गई है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर है।
खास बात: यह ब्याज दर वर्तमान में बैंक FD और अन्य कई छोटी बचत योजनाओं की तुलना में काफी अधिक है। यदि आपकी बेटी की उम्र 10 साल या उससे कम है, तो आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में उसके नाम पर यह खाता खुलवा सकते हैं।
₹22.50 लाख के निवेश पर पाएं करीब ₹70 लाख का रिटर्न!
SSY की असली ताकत 'चक्रवृद्धि ब्याज' (Compounding Interest) में छिपी है। आइए इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं कि यह योजना कैसे आपकी पूंजी को कई गुना बढ़ा देती है:
सालाना निवेश: ₹1,50,000 (अधिकतम सीमा)
निवेश की अवधि: 15 साल (नियम के अनुसार)
कुल जमा पूंजी: ₹22,50,000
वर्तमान ब्याज दर: 8.2%
मैच्योरिटी पर कुल रकम: ₹69,27,578 (लगभग ₹70 लाख)
हैरानी की बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में आपको मिलने वाला केवल ब्याज ही ₹46,77,578 होगा, जो आपकी मूल जमा राशि से भी दोगुने से ज्यादा है। जब आपकी बेटी 21 साल की होगी, तब यह मोटी रकम उसके भविष्य की राह को आसान बना देगी।
मात्र ₹250 से करें शुरुआत, पाएं टैक्स में भी छूट
यह योजना केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए है। आप मात्र ₹250 सालाना से इस खाते की शुरुआत कर सकते हैं। इसके अलावा, सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का भी लाभ मिलता है। साथ ही, मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स-फ्री होती है।
योजना की कुछ महत्वपूर्ण बातें
खाता खोलने की उम्र: जन्म से लेकर 10 वर्ष तक की आयु की बेटी के लिए।
अधिकतम निवेश: एक वित्तीय वर्ष में ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।
मैच्योरिटी: खाता खुलने के 21 साल बाद या बेटी के 18 साल के होने पर उसकी शादी के समय (निकासी के नियमों के अधीन)।
आंशिक निकासी: बेटी के 18 साल के होने पर उच्च शिक्षा के लिए जमा राशि का 50% हिस्सा निकाला जा सकता है।
सरकार की यह कोशिश है कि देश की हर बेटी आत्मनिर्भर बने। यदि आप भी अपनी बेटी के सपनों को उड़ान देना चाहते हैं, तो आज ही अपने नजदीकी डाकघर या बैंक में जाकर यह खाता खुलवाएं।