Nepal Politics : बवाल के बाद कहां गए KP शर्मा ओली? जानिए किराए के घर में क्यों रहने को मजबूर हैं पूर्व PM
News India Live, Digital Desk: नेपाल नेपाल की राजनीति में बीते दिनों काफी उठापटक देखने को मिली. जबरदस्त प्रदर्शनों और जनाक्रोश के बीच, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इस घटनाक्रम के बाद वे सुर्खियों से दूर, सेना की निगरानी में रहे और अब उन्होंने एक नया ठिकाना ढूंढ लिया है.
कैसे शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम?
यह सब शुरू हुआ जब ओली सरकार ने सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने का फैसला किया. इस फैसले से युवा, खासकर 'जेन-जेड' वर्ग, बेहद नाराज हो गया. देखते ही देखते, यह गुस्सा भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन में बदल गया. प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए कि राजधानी काठमांडू में हालात बेकाबू हो गए. सरकारी इमारतों से लेकर नेताओं के निजी घरों तक पर हमला किया गया. प्रदर्शनकारियों ने पूर्व पीएम ओली के भक्तपुर स्थित आवास को भी आग के हवाले कर दिया.
हालात की गंभीरता को देखते हुए, केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री आवास छोड़कर जाना पड़ा. सेना के हेलीकॉप्टर से उन्हें एक सुरक्षित जगह ले जाया गया. जानकारी के मुताबिक, उन्हें काठमांडू के उत्तर में शिवपुरी वन क्षेत्र में बनी सेना की बैरक में 9 दिनों तक रखा गया, जहाँ वे कड़ी सुरक्षा में रहे
सेना की सुरक्षा से एक नए पते तक
करीब नौ दिनों तक सेना की छावनी में रहने के बाद, केपी शर्मा ओली अब वहाँ से निकलकर एक निजी घर में रहने लगे हैं.[1] हालांकि, सुरक्षा कारणों से उनकी नई जगह के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि वे काठमांडू से लगभग 15 किलोमीटर पूरब में भक्तपुर जिले के गुंडू इलाके में एक किराए के मकान में रह रहे हैं. यह कदम उस वक्त आया जब देश में एक अंतरिम सरकार बन चुकी है, जिसकी कमान पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को सौंपी गई है ओली के साथ-साथ कई अन्य वरिष्ठ राजनेताओं को भी, जिनमें पूर्व प्रधानमंत्री प्रचंड और शेर बहादुर देउबा भी शामिल थे, सेना की सुरक्षा में समय बिताना पड़ा था.
इस्तीफे के बाद ओली के कुछ बयान भी चर्चा में रहे, जिनमें उन्होंने अपनी सत्ता जाने के पीछे भारत को जिम्मेदार ठहराया और कुछ क्षेत्रीय विवादों पर अपने पुराने रुख को दोहराया था फिलहाल उनकी पार्टी सीपीएन-यूएमएल संविधान दिवस के मौके पर 19 सितंबर को एक कार्यक्रम का आयोजन कर रही है, पर सुरक्षा कारणों से उसमें ओली की मौजूदगी अभी तय नहीं है