US Politics : न्यूयॉर्क आया तो नेतन्याहू को गिरफ्तार करवाऊंगा, कौन है ये भारतीय मूल का नेता जिसने अमेरिका में मचा दी है हलचल?

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News India Live, Digital Desk: न्यूयॉर्क शहर की राजनीति में आजकल एक नाम खूब गूंज रहा है - जोहरान ममदानी. भारतीय मूल के जोहर हैं., जो न्यूयॉर्क के मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार हैं, ने एक ऐसा बयान दे दिया है जिससे न केवल अमेरिका बल्कि दुनिया भर की सियासत में हलचल मच गई है. उन्होंने कहा है कि अगर वे मेयर चुने गए और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क में कदम रखा, तो वे उन्हें गिरफ्तार करवा देंगे.

यह बयान सुनने में भले ही चौंकाने वाला लगे, लेकिन इसके पीछे की वजह भी काफी गंभीर है. अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने नेतन्याहू के खिलाफ गाजा में युद्ध अपराधों के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है.हालांकि, अमेरिका ICC के अधिकार क्षेत्र को नहीं मानता, लेकिन ममदानी का कहना है कि वे मेयर के तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करेंगे.

कौन हैं जोहरान ममदानी?

33 साल के जोहरान ममदानी की कहानी भी काफी दिलचस्प है. उनका जन्म युगांडा के कंपाला में हुआ था. उनके पिता महमूद ममदानी एक जाने-माने प्रोफेसर हैं और उनकी माँ मीरा नायर एक विश्व प्रसिद्ध फिल्म निर्माता हैं, जिन्हें 'सलाम बॉम्बे' और 'मानसून वेडिंग' जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है जोहरान 7 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क आ गए थे और यहीं पले-बढ़े.

राजनीति में आने से पहले, ममदानी एक हाउसिंग काउंसलर के तौर पर काम करते थे, जहाँ वे लोगों को उनके घरों से बेदखल होने से बचाने में मदद करते थे. वे एक हिप-हॉप संगीतकार भी रह चुके हैं. उनकी राजनीति को 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट' विचारधारा का माना जाता है, जो बर्नी सैंडर्स जैसे नेताओं से प्रेरित है.

क्यों दिया ये बड़ा बयान?

ममदानी का कहना है कि जब देश का संघीय नेतृत्व सही कदम उठाने में नाकाम रहे, तो शहरों और राज्यों को आगे आकर अपने मूल्यों के लिए खड़ा होना होगा उन्होंने नेतन्याहू पर गाजा में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे ऐसे व्यक्ति को न्यूयॉर्क में खुला घूमने नहीं दे सकते, जिस पर अंतरराष्ट्रीय अदालत ने युद्ध अपराध का आरोप लगाया हो.[2] उन्होंने यह भी साफ किया कि यह नियम सिर्फ नेतन्याहू पर ही नहीं, बल्कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भी लागू होगा, जिनके खिलाफ भी ICC का वारंट है.

क्या यह वाकई संभव है?

कानूनी जानकारों का मानना है कि ऐसा करना लगभग असंभव है और यह अमेरिकी संघीय कानून के खिलाफ भी हो सकता है. क्योंकि अमेरिका ICC का सदस्य नहीं है, इसलिए यहां उसके वारंट लागू नहीं होते. इस बयान को एक राजनीतिक स्टंट के तौर पर भी देखा जा रहा है.

हालांकि, ममदानी के इस बयान ने उन्हें अमेरिका की प्रगतिशील राजनीति में एक मजबूत आवाज बना दिया है. एक तरफ जहाँ पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थक इसे उसूलों की राजनीति बता रहे हैं.यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बयान उनके चुनावी भविष्य पर क्या असर डालता है, लेकिन एक बात तो तय है कि जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क की मेयर की लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय बना दिया है.