दिवाली कब है? अभी से नोट कर लीजिए लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त और 5 दिनों का पूरा कैलेंडर

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त्योहार आते हैं तो अपने साथ खुशियाँ और रौनक लेकर आते हैं। और जब बात हो दिवाली की, तो इंतज़ार थोड़ा और बढ़ जाता है। दिवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि उम्मीदों का, रोशनी का और रिश्तों का जश्न है। यह वो समय है जब पूरा परिवार एक साथ होता है।

क्या आपके मन में भी यह सवाल आ रहा है कि साल 2025 में दीयों का यह खूबसूरत त्योहार हमारे दरवाजे पर कब दस्तक देगा? तो चलिए, हम आपकी यह दुविधा दूर कर देते हैं। अपनी डायरी में इन तारीखों को अभी से लिख लीजिए।

साल 2025 का दिवाली कैलेंडर:

  • पहला दिन - धनतेरस (18 अक्टूबर 2025, शनिवार): दिवाली की शुरुआत इसी शुभ दिन से होती है। इस दिन कुछ नया, खासकर सोना, चांदी या कोई बर्तन खरीदना बहुत अच्छा माना जाता है। कहते हैं, इससे घर में माँ लक्ष्मी का वास होता है और बरकत बनी रहती है।
  • दूसरा दिन - छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी (19 अक्टूबर 2025, रविवार): दीपावली से ठीक एक दिन पहले छोटी दिवाली मनाई जाती है। इस दिन शाम के समय घर के बाहर एक दीपक जलाकर रखा जाता है, ताकि घर से हर तरह की बुराई और नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाए।
  • तीसरा दिन - दीपावली (20 अक्टूबर 2025, सोमवार): यह है त्योहार का सबसे मुख्य दिन! इस दिन अमावस्या की अँधेरी रात को करोड़ों दीयों की रोशनी से रोशन किया जाता है। शाम को ख़ास शुभ मुहूर्त में माँ लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है, ताकि उनका आशीर्वाद हम पर पूरे साल बना रहे।
    • 2025 में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम के 07 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 18 मिनट तक। (यह मुहूर्त करीब 1 घंटा 10 मिनट का रहेगा।)
  • चौथा दिन - गोवर्धन पूजा (22 अक्टूबर 2025, बुधवार): दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। यह त्योहार हमें प्रकृति के प्रति अपना आभार व्यक्त करना सिखाता है।
  • पाँचवा दिन - भाई दूज (23 अक्टूबर 2025, गुरुवार): पाँच दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का अंत भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ होता है। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक करती हैं और उनके अच्छे भविष्य की कामना करती हैं।

तो, इन तारीखों को याद रखिए और आने वाले साल में अपने परिवार के साथ इस त्योहार को यादगार बनाने की तैयारी अभी से शुरू कर दीजिए।