जब भारत बंद कर देगा नल', तो बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान ,जानिए क्या है भारत का सबसे बड़ा ब्रह्मास्त्र

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News India Live, Digital Desk: जब भी भारत और पाकिस्तान की बात होती है, तो हमारे दिमाग में तोप, टैंक, मिसाइल और लड़ाकू विमानों की तस्वीरें घूमने लगती हैं। हम हमेशा सैन्य ताकत के चश्मे से ही दोनों देशों के रिश्तों को देखते आए हैं। लेकिन क्या हो, अगर हम आपको बताएं कि भारत के पास एक ऐसा 'परमाणु बम' से भी ज्यादा शक्तिशाली हथियार है, जिसे चलाने के लिए एक भी गोली खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, और पाकिस्तान देखते ही देखते घुटनों पर आ जाएगा?

यह कोई कोरी कल्पना नहीं, बल्कि एक हकीकत है, जिसका खुलासा ऑस्ट्रेलिया के एक प्रतिष्ठित थिंक टैंक की रिपोर्ट ने किया है। इस रिपोर्ट ने पाकिस्तान के हुक्मरानों की नींद उड़ा दी है और भारत की उस 'साइलेंट पावर' को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है, जिसकी तरफ अभी तक बहुत कम लोगों का ध्यान गया था।

क्या है भारत का यह 'अचूक ब्रह्मास्त्र'?

यह अचूक हथियार है - पानी (Water)

जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना। पाकिस्तान की रगों में जो पानी खून बनकर दौड़ता है, उसका 'मेन स्विच' भारत के हाथ में है। इसे समझने के लिए थोड़ा भूगोल को समझना होगा।

पाकिस्तान की जीवनरेखा कही जाने वाली सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलज जैसी लगभग सभी बड़ी नदियां भारत से होकर ही पाकिस्तान में जाती हैं। 1960 में दोनों देशों के बीच 'सिंधु जल संधि' (Indus Waters Treaty) हुई थी, जिसके तहत इन नदियों के पानी का बंटवारा किया गया था। इस संधि के तहत, भारत पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलज) का पानी बिना रोक-टोक के इस्तेमाल कर सकता है, जबकि पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) का ज्यादातर पानी पाकिस्तान को देना होता है।

तो फिर भारत कैसे कर सकता है इसका इस्तेमाल?

यहीं पर भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक दांव छिपा है।

  • पाकिस्तान की दुखती रग - कृषि: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था आज भी मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। उसकी लगभग 80% खेती इन्हीं नदियों से मिलने वाले पानी पर टिकी है। अगर यह पानी रुक जाए, तो पाकिस्तान में हाहाकार मच जाएगा।
  • भारत का 'डैम' वाला दांव: सिंधु जल संधि भारत को पश्चिमी नदियों पर बिजली बनाने के लिए 'रन-ऑफ-द-रिवर' प्रोजेक्ट (बांध बनाकर पानी को नियंत्रित करना, न कि पूरी तरह रोकना) बनाने की इजाजत देती है। भारत अगर इन नदियों पर अपनी परियोजनाओं में तेजी ले आए, तो वह जब चाहे, इन नदियों के बहाव को नियंत्रित कर सकता है।

सोचिए क्या होगा अगर...

अगर भारत इन बांधों के जरिए पानी के बहाव को कुछ हफ्तों या महीनों के लिए भी कम कर दे, तो पाकिस्तान में सूखे जैसे हालात पैदा हो जाएंगे।

  • फसलें तबाह हो जाएंगी।
  • देश में भयानक खाद्य संकट पैदा हो जाएगा।
  • अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी।
  • लोगों के बीच पानी के लिए दंगे-फसाद शुरू हो सकते हैं, जिससे देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है।

यह एक ऐसी तबाही होगी जिससे उबरने में पाकिस्तान को दशकों लग जाएंगे। और यह सब होगा बिना एक भी गोली चलाए, बिना एक भी सैनिक को सीमा पार भेजे

ऑस्ट्रेलियाई रिपोर्ट ने इसी 'हाइड्रो-स्ट्रेटेजी' को भारत का सबसे बड़ा गैर-सैन्य हथियार बताया है। यह रिपोर्ट साफ करती है कि 21वीं सदी की लड़ाई सिर्फ सीमाओं पर नहीं, बल्कि पानी, अर्थव्यवस्था और टेक्नोलॉजी जैसे मोर्चों पर भी लड़ी जाएगी। और इस मोर्चे पर, भारत के हाथ में पाकिस्तान की वो 'जीवनरेखा' है, जिसे वह जब चाहे, थोड़ा कस सकता है।