BREAKING:
April 10 2026 10:12 am

BJP में टिकट नहीं मिला, तो हो गई घर वापसी जानिए कौन हैं उमाशंकर अकेला जिनकी re-entry से गरमाई झारखंड की सियासत

Post

News India Live, Digital Desk: झारखंड में विधानसभा चुनाव 2025 की बिसात बिछने से ठीक पहले, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हजारीबाग जिले में एक बड़ा झटका लगा है। बरही विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने एक बार फिर अपने पुराने घर यानी कांग्रेस पार्टी में वापसी कर ली है। पांच साल पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए अकेला की यह 'घर वापसी' चुनाव से पहले क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को दिलचस्प बनाने वाली है।

5 साल बाद हुई 'घर वापसी'

उमाशंकर अकेला ने गुरुवार को दिल्ली में झारखंड कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर और प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर उनके चेहरे पर एक अलग ही सुकून और खुशी नजर आ रही थी। कांग्रेस में दोबारा शामिल होने के बाद उन्होंने कहा, "मैं अपने पुराने घर में लौट आया हूं। अब जाकर सुकून मिला है। पूरी निष्ठा और लगन से पार्टी के लिए काम करूंगा।"

क्यों छोड़ी थी बीजेपी?

उमाशंकर अकेला की राजनीतिक यात्रा काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है।

  • 2009 में कांग्रेस के विधायक बने: उन्होंने 2009 में कांग्रेस के टिकट पर ही बरही सीट से जीत हासिल की थी और विधायक बने थे।
  • 2019 में थामा बीजेपी का दामन: 2019 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, उन्होंने कांग्रेस का 'हाथ' छोड़कर बीजेपी का 'कमल' थाम लिया था। बीजेपी ने उन्हें बरही से अपना उम्मीदवार भी बनाया था।
  • हार का करना पड़ा सामना: हालांकि, पाला बदलना उनके लिए फायदेमंद साबित नहीं हुआ। 2019 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के ही उम्मीदवार उमा शंकर यादव के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

सूत्रों की मानें तो बीजेपी में भी अकेला पिछले कुछ समय से असहज महसूस कर रहे थे। उन्हें पार्टी के अंदर उतनी तवज्जो नहीं मिल रही थी, जितनी उन्हें उम्मीद थी। आगामी चुनाव में बीजेपी से टिकट मिलने की संभावनाएं भी धूमिल नजर आ रही थीं, जिसके बाद उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी में लौटने का फैसला किया।

बरही में अब क्या होंगे नए समीकरण?

उमाशंकर अकेला की कांग्रेस में वापसी से बरही विधानसभा क्षेत्र का मुकाबला अब और भी ज्यादा रोचक हो गया है। कांग्रेस को जहां एक पुराना और जमीनी नेता वापस मिला है, वहीं पार्टी के अंदर भी टिकट को लेकर खींचतान बढ़ सकती है।

मौजूदा विधायक भी कांग्रेस के ही हैं। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी 2025 के चुनाव में अपने मौजूदा विधायक पर भरोसा जताती है, या फिर 'घर वापसी' करने वाले उमाशंकर अकेला को एक बार फिर मौका देती है। बहरहाल, उनकी इस वापसी ने चुनाव से पहले ही हजारीबाग की सियासत में हलचल जरूर पैदा कर दी है।