Wheat Procurement 2026: किसानों की चमकी किस्मत! ₹2735 के भाव पर गेहूं खरीदेगी सरकार, 10 मार्च से शुरू हो रही बंपर खरीद

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कांकरोली, ब्यूरो।क्षेत्र के किसानों के लिए इस बार की होली खुशियों वाली होने जा रही है। पिछले वर्ष हुई अच्छी बारिश और जलाशयों के लबालब होने का सुखद परिणाम अब खेतों में लहलहाती गेहूं की सुनहरी फसल के रूप में दिख रहा है। अनुकूल तापमान और बेहतर सिंचाई सुविधाओं के कारण इस बार गेहूं की बंपर पैदावार की उम्मीद है। फसल पककर तैयार हो चुकी है और मार्च के अंतिम सप्ताह से कटाई का दौर शुरू होने वाला है। किसानों के इसी उत्साह को दोगुना करने के लिए सरकार ने भी समर्थन मूल्य पर खरीद की कमर कस ली है।

बाजार से ज्यादा मिलेगा दाम: ₹2735 प्रति क्विंटल तक की उम्मीद

इस साल सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है। लेकिन किसानों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि राज्य बजट में घोषित ₹150 प्रति क्विंटल का बोनस भी इसमें जुड़ सकता है। यदि यह बोनस लागू होता है, तो किसानों को अपनी उपज का ₹2735 प्रति क्विंटल तक का भाव मिलेगा। वर्तमान में स्थानीय मंडियों में गेहूं का भाव ₹2250 से ₹2350 के बीच है, ऐसे में सरकारी केंद्रों पर फसल बेचना किसानों के लिए घाटे का सौदा नहीं, बल्कि बड़ा मुनाफा साबित होगा।

10 मार्च से खुलेंगे सरकारी कांटा; इन 6 केंद्रों पर होगी खरीद

जिले के किसानों की सुविधा के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। 10 मार्च 2026 से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी जो 30 जून तक चलेगी। किसानों के लिए जिले में 6 प्रमुख खरीद केंद्र बनाए गए हैं:

कांकरोली

राज्यावास

मदारा

कुरज

कुंवारिया

नाथद्वारा

इन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, शुद्ध पेयजल, नमी मापक यंत्र और आधुनिक तौल काटों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

पहली बार बायोमैट्रिक सत्यापन: फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

इस साल खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने तकनीक का सहारा लिया है। एग्री-स्टैक (Agri-Stack) और फार्मर आईडी के साथ-साथ अब खरीद केंद्रों पर किसानों का बायोमैट्रिक सत्यापन भी किया जाएगा। जनआधार कार्ड के अनुसार परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य अपनी फसल लेकर केंद्र पर आ सकता है, लेकिन मशीन पर अंगूठा लगाकर सत्यापन करना अनिवार्य होगा। इससे बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगेगी।

48 घंटे में सीधे खाते में आएगा पैसा

किसानों को भुगतान के लिए अब हफ्तों तक इंतजार नहीं करना होगा। नई PFMS प्रणाली के जरिए फसल बेचने के मात्र 48 घंटे के भीतर पैसा सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। जो किसान अपनी फसल बेचना चाहते हैं, वे 25 जून तक अपना ऑनलाइन पंजीयन करवा सकते हैं।