LPG Cylinder Booking New Rule 2026: अब 21 नहीं, 25 दिन बाद ही बुक होगा गैस सिलेंडर; कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने बदला नियम
नई दिल्ली, ब्यूरो।देश में घरेलू गैस सिलेंडरों की बढ़ती किल्लत और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कड़ा कदम उठाया है। अब आप अपनी मर्जी से जब चाहें गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएंगे। सरकार ने LPG रिफिल बुकिंग की समय सीमा में बदलाव करते हुए इसे 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि एक बार सिलेंडर बुक करने के बाद, अगला सिलेंडर बुक करने के लिए आपको कम से कम 25 दिनों का अनिवार्य इंतजार करना होगा। यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जमाखोरी पर लगाम: संदिग्ध बुकिंग्स पर सरकार की पैनी नजर
सरकार को पिछले काफी समय से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ उपभोक्ता जरूरत न होने के बावजूद समय से पहले सिलेंडर बुक कर रहे हैं। जांच में सामने आया कि जो लोग पहले औसतन 55 दिनों में एक सिलेंडर का उपयोग करते थे, वे अब महज 15 से 18 दिनों के भीतर ही दोबारा बुकिंग कर रहे थे। ऐसे सिलेंडरों का इस्तेमाल अक्सर व्यावसायिक कार्यों या ऊंचे दामों पर कालाबाजारी के लिए किया जा रहा था। इस नई समय सीमा (Lock-in Period) से उन लोगों पर नकेल कसी जाएगी जो गैस की जमाखोरी कर रहे हैं।
क्यों जरूरी था यह फैसला? जरूरतमंदों को मिले प्राथमिकता
त्योहारों और शादियों के सीजन में अक्सर गैस की किल्लत पैदा हो जाती है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार का मानना है कि बुकिंग की अवधि बढ़ाने से बाजार में कृत्रिम रूप से पैदा की गई मांग (Artificial Demand) कम होगी। इससे गैस वितरण प्रणाली संतुलित होगी और उन जरूरतमंद ग्राहकों को प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर मिल सकेगा, जिनका स्टॉक खत्म होने वाला है।
रिफाइनरियों को मिला 'बूस्टर डोज', उत्पादन बढ़ाने के आदेश
सिर्फ नियमों में बदलाव ही नहीं, सरकार सप्लाई साइड को भी मजबूत कर रही है। तेल मंत्रालय ने IOC, BPCL और HPCL जैसी दिग्गज तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, घरेलू मोर्चे पर गैस की सप्लाई में कोई कमी न आने पाए।
आम जनता पर क्या होगा असर? घबराने की जरूरत नहीं
क्या इस नियम से आम गृहणियों की रसोई का बजट या काम प्रभावित होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि एक सामान्य भारतीय परिवार (4-5 सदस्य) में एक सिलेंडर कम से कम 30 से 45 दिनों तक चलता है। ऐसे में 25 दिनों की यह पाबंदी आम उपभोक्ताओं को परेशान नहीं करेगी। यह नियम मुख्य रूप से उन लोगों को रोकने के लिए है जो नियम विरुद्ध तरीके से एक ही महीने में कई सिलेंडर बुक करने की कोशिश करते हैं।