हर 11वें भारतीय पर कैंसर का खतरा! आपके राज्य का क्या है हाल? नई रिपोर्ट ने बजाई खतरे की घंटी

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कैंसर... एक ऐसा शब्द जिसे सुनते ही हमारे अंदर एक अनजाना सा डर पैदा हो जाता है. पहले हमें लगता था कि यह किसी-किसी को होने वाली बीमारी है, लेकिन अब एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसने इस बीमारी की भयानक सच्चाई को हमारे सामने लाकर रख दिया है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, हर 11वें भारतीय को अपनी जिंदगी में कभी न कभी कैंसर होने का खतरा है.

यह कोई दूर का आंकड़ा नहीं है, यह हमारे और आपके घरों तक पहुंची एक कड़वी हकीकत है, जिसे नज़रअंदाज़ करना अब भारी पड़ सकता है.

पुरुषों और महिलाओं में कौन से कैंसर सबसे आम हैं?

यह रिपोर्ट बताती है कि कैंसर अलग-अलग तरीके से पुरुषों और महिलाओं पर हमला करता है.

  • महिलाओं में: सबसे ज़्यादा ब्रेस्ट कैंसर (स्तन कैंसर) के मामले देखे जा रहे हैं. यह महिलाओं में होने वाले सभी कैंसर का एक चौथाई हिस्सा है. इसके बाद सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) और ओवेरियन कैंसर आते हैं.
  • पुरुषों में: सबसे ज़्यादा मुंह का कैंसर और फेफड़ों का कैंसर पाया जा रहा है. मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू, गुटखा और सिगरेट का इस्तेमाल है, और यह दोनों कैंसर मिलाकर पुरुषों में होने वाले कैंसर का 25% से ज़्यादा हिस्सा हैं.

कौन से राज्य हैं कैंसर के 'हॉटस्पॉट'?

यह बीमारी पूरे देश में फैल रही है, लेकिन कुछ राज्य ऐसे हैं जहाँ हालत ज़्यादा गंभीर है. उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा नए मरीज सामने आ रहे हैं, जिसके बाद महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल का नंबर आता है. उत्तर प्रदेश में भी खास कर नोएडा और वाराणसी जैसे शहरों से मामले ज़्यादा आ रहे हैं.

क्या यह सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी है? नहीं!

पहले माना जाता था कि कैंसर ज़्यादातर बढ़ती उम्र में होता है, लेकिन अब यह धारणा बदल रही है. बदलती जीवनशैली, प्रदूषण और खान-पान की गलत आदतों की वजह से अब कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.

तो इसका मतलब क्या है? क्या हमें डर कर बैठ जाना चाहिए?

बिलकुल नहीं. इस रिपोर्ट का मकसद डराना नहीं, बल्कि सचेत करना है. कैंसर से लड़ाई का सबसे बड़ा हथियार है जागरूकता.

  • अपनी जीवनशैली को सुधारें. तंबाकू और शराब से दूर रहें.
  • नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य जांच कराएं.
  • शरीर में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव या लक्षण को नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

याद रखिए, सही समय पर पहचान और सही इलाज से कैंसर को हराया जा सकता है.