BREAKING:
March 18 2026 09:13 pm

BHAVYA Scheme : क्या है भव्य योजना? मोदी कैबिनेट ने 100 इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए दी ₹33,660 करोड़ की मंजूरी

Post

News India Live, Digital Desk: केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' को नई ऊंचाई देने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) का ऐलान किया है। इसके तहत देश भर में 100 नए प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इसके जरिए करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार (Direct Jobs) पैदा करना और निवेश की बाधाओं को खत्म करना है।

'भव्य' योजना की 5 बड़ी बातें 

भारी भरकम बजट: इस योजना के लिए सरकार ने 33,660 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया है।

प्लग-एंड-प्ले सुविधा: निवेशकों को अब जमीन और बुनियादी ढांचे के लिए इंतजार नहीं करना होगा। उन्हें ऐसी जगह मिलेगी जहाँ बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाएं पहले से तैयार होंगी—बस आएं और उत्पादन शुरू करें।

वित्तीय सहायता: सरकार इन पार्कों को विकसित करने के लिए 1 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक की वित्तीय मदद देगी।

विस्तार: योजना के तहत 100 से लेकर 1,000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। छोटे राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए न्यूनतम सीमा 25 एकड़ रखी गई है।

रोजगार का अवसर: अनुमान है कि इन पार्कों के जरिए लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इंडस्ट्रियल पार्कों में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

कोर इंफ्रास्ट्रक्चर: आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर (ताकि बार-बार खुदाई न करनी पड़े), ड्रेनेज, और आईटी कनेक्टिविटी।

वैल्यू-ऐडेड इंफ्रास्ट्रक्चर: बने-बनाये फैक्ट्री शेड (Ready-built sheds), वेयरहाउसिंग और टेस्टिंग लैब्स।

सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर: श्रमिकों के लिए आवास (Worker Housing) और अन्य बुनियादी सुविधाएं ताकि 'वॉक-टू-वर्क' (Walk-to-work) कल्चर को बढ़ावा मिले।

कैसे होगा पार्कों का चयन? (Challenge Mode)

इन 100 पार्कों का चयन राज्यों के बीच 'चैलेंज मोड' (प्रतियोगिता) के जरिए किया जाएगा।

जो राज्य सबसे बेहतर भूमि, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और निवेशक-अनुकूल सुधार (Ease of Doing Business) की पेशकश करेंगे, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।

यह योजना राज्यों, केंद्र सरकार और निजी क्षेत्र (Private Sector) की भागीदारी के मॉडल पर आधारित होगी।

पीएम गतिशक्ति और ग्रीन एनर्जी का मेल

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: सभी पार्क पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ जुड़े होंगे ताकि माल की आवाजाही (Logistics) तेज और सस्ती हो।

सस्टेनेबिलिटी: इन पार्कों में ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल रिसोर्स मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रमुख बिंदु:

अवधि: यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक (6 साल) लागू रहेगी।

भूमि बैंक: करीब 34,000 एकड़ निवेश के लिए तैयार जमीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।