राजस्थान में फिर बदला मौसम आंधी-बारिश का अलर्ट, रेगिस्तानी इलाकों में धूलभरी हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी के बीच पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में धूलभरी आंधी और हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने जयपुर, अलवर, सीकर और टोंक समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। रेगिस्तानी इलाकों, खासकर बाड़मेर और जैसलमेर में तेज हवाओं के साथ उड़ती धूल ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
पश्चिमी राजस्थान में धूल का गुबार, जयपुर में बादलों की आवाजाही बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर जैसे पश्चिमी जिलों में बुधवार सुबह से ही मौसम का अलग रंग देखने को मिल रहा है। यहाँ आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल रही हैं। वहीं, राजधानी जयपुर में भी सुबह से ही आंशिक बादल छाए हुए हैं, जिससे चिलचिलाती धूप से राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वायुमंडलीय दबाव में बदलाव के कारण अगले 24 से 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं।
28 मार्च से सक्रिय होगा नया 'वेदर सिस्टम' मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, लेकिन असली बदलाव 28 मार्च से देखने को मिलेगा। 28 से 30 मार्च के दौरान एक नया और अधिक प्रभावी सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिससे आठ से अधिक जिलों में मध्यम दर्जे की बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इस बदलाव से तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे मार्च के अंत में लोगों को एक बार फिर हल्की ठंडक का अहसास होगा।
किसानों की बढ़ी चिंता: फसलों पर ओलावृष्टि का खतरा मौसम के इस बदलते मिजाज ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। खेतों में रबी की फसलें कटाई के अंतिम चरण में हैं या खलिहानों में रखी हैं। ऐसे में अचानक तेज आंधी और बारिश से फसलों के खराब होने का बड़ा जोखिम पैदा हो गया है। विशेष रूप से ओलावृष्टि की आशंका ने बागवानी फसलों, जैसे आम और लीची को भी खतरे में डाल दिया है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर तिरपाल से ढक कर रखें।
तापमान का उतार-चढ़ाव: कहीं गर्मी तो कहीं राहत पिछले 24 घंटों की बात करें तो बाड़मेर 36.8 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि चित्तौड़गढ़ में पारा 36 डिग्री दर्ज किया गया। जयपुर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आंधी और बारिश के दौरान लोग पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें।