Weather Alert: पाकिस्तान पर बने चक्रवाती तूफान का भारत में दिखेगा कहर? इन राज्यों में अगले 72 घंटे भारी

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मानसून 2025 अपने आखिरी दौर में देश के कई हिस्सों में जमकर बरस रहा है। लेकिन अब मौसम विभाग (IMD) ने एक ऐसी चेतावनी जारी की ਹੈ, जिसने उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों की चिंता बढ़ा दी ਹੈ। यह चेतावनी है पाकिस्तान के ऊपर बने एक शक्तिशाली चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulation) को लेकर, जिसके कारण अगले दो से तीन दिनों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका ਹੈ।

यह सिस्टम इतना शक्तिशाली ਹੈ कि यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, दोनों तरफ से नमी खींच रहा ਹੈ, जिससे मूसलाधार बारिश का एक खतरनाक कॉम्बिनेशन बनने की पूरी संभावना ਹੈ। तो क्या है यह 'पाकिस्तानी' वेदर सिस्टम, भारत के किन-किन राज्यों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा और मौसम विभाग ने क्या अलर्ट जारी किया ? आइए, इस पूरी मौसमी हलचल को विस्तार से समझते ।

 

पाकिस्तान के ऊपर बना चक्रवाती सिस्टम: भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

मौसम विभाग के नवीनतम अपडेट के अनुसार, एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पश्चिमी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के इलाकों पर बना हुआ ਹੈ।

यह कैसे काम कर रहा है?:

  • यह सिस्टम एक विशाल वैक्यूम क्लीनर की तरह काम कर रहा है, जो अरब सागर से आने वाली नमी से भरपूर दक्षिण-पश्चिमी हवाओं को अपनी ओर खींच रहा ਹੈ।
  • इसके साथ ही, यह बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाओं को भी अपनी तरफ आकर्षित कर रहा ਹੈ।
  • जब ये दो अलग-अलग दिशाओं से आने वाली नम हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मिलती हैं, तो वे भारी बारिश के लिए एक आदर्श स्थिति पैदा करती हैं।

यह सिस्टम अब धीरे-धीरे पूर्व की ओर बढ़ रहा ਹੈ, जिसका मतलब है कि इसका असर भारत के मैदानी राज्यों पर सीधे तौर पर दिखाई देगा।

 

मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट': इन राज्यों में बरसेंगे आफत के बादल

इस खतरनाक वेदर सिस्टम को देखते हुए, IMD ने कई राज्यों के लिए 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया ਹੈ। येलो अलर्ट का मतलब होता है कि आप 'सावधान रहें' और मौसम पर लगातार नजर बनाए रखें।

इन राज्यों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर:

  • राजस्थान: पूर्वी राजस्थान के कई जिलों जैसे जयपुर, अलवर, भरतपुर, और कोटा में भारी बारिश की आशंका है।
  • पंजाब और हरियाणा: इन दोनों राज्यों के लगभग सभी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती ਹੈ।
  • दिल्ली-एनसीआर: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी अगले 48 घंटों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता ਹੈ, जिससे जलभराव और ट्रैफिक की समस्या पैदा हो सकती ਹੈ।
  • उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी (मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद) से लेकर मध्य यूपी (लखनऊ, कानपुर) तक बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।
  • गुजरात: उत्तरी गुजरात के कुछ इलाकों में भी इस सिस्टम का असर दिख सकता ਹੈ।
  • मध्य प्रदेश: उत्तरी मध्य प्रदेश, खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में भारी बारिश की चेतावनी ਹੈ।
  • उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ों पर भी भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ गया ਹੈ।

मॉनसून ट्रफ और चक्रवाती हवाओं का 'डबल अटैक'

इस बारिश को और खतरनाक बनाने में मॉनसून ट्रफ (Monsoon Trough) भी एक बड़ी भूमिका निभा रही ਹੈ। मॉनसून ट्रफ एक निम्न दबाव की रेखा होती है, जो फिलहाल फिरोजपुर, कैथल, मेरठ, और लखनऊ से होकर गुजर रही है। यह ट्रफ लाइन पाकिस्तान पर बने चक्रवाती सिस्टम के साथ मिलकर बारिश की गतिविधियों को और तेज कर रही ਹੈ। यह एक तरह का 'डबल अटैक' ਹੈ, जिससे कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) जैसी स्थिति भी बन सकती ਹੈ।

 

अगले 2-3 दिन बरतें ये सावधानियां

  • यात्रा से पहले मौसम जांचें: अगर आप इन राज्यों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान जरूर देख लें।
  • जलभराव वाले इलाकों से बचें: शहरी इलाकों में भारी बारिश से जलभराव होना आम बात ਹੈ। ऐसे रास्तों पर जाने से बचें।
  • किसानों के लिए सलाह: किसान भाई अपनी फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए जरूरी उपाय करें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
  • पहाड़ों पर रहें सतर्क: पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वाले पर्यटक और स्थानीय निवासी भूस्खलन के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतें।

कुल मिलाकर, अगले 72 घंटे मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। सभी से अनुरोध ਹੈ कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षित रहें।

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