हमें क्वेटा में दी गई ट्रेनिंग, फिर भेजा अफगानिस्तान - पकड़े गए ISIS आतंकी ने खोला पाकिस्तान का कच्चा-चिट्ठा
News India Live, Digital Desk: पाकिस्तान लंबे समय से दुनिया के सामने आतंकवाद का 'सबसे बड़ा पीड़ित' होने का ढोंग करता आया है, लेकिन समय-समय पर ऐसे सबूत सामने आते रहे हैं जो उसे 'आतंक का सबसे बड़ा पोषक' साबित करते हैं। एक बार फिर, एक ऐसा ही अकाट्य सबूत सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है।
अफगानिस्तान में तालिबान की खुफिया एजेंसी, जनरल डायरेक्टरेट ऑफ इंटेलिजेंस (GDI), द्वारा पकड़े गए इस्लामिक स्टेट (ISIS) के एक आतंकी ने कैमरे पर यह कबूल किया है कि उसे पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग दी गई थी।
पाकिस्तान का क्वेटा: आतंक का नया ट्रेनिंग हब
अफगानिस्तान के GDI द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में, पकड़े गए ISIS-खोरासान (ISIS-K) के आतंकी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आतंकी, जिसका नाम मुसाब बताया जा रहा है, ने कबूल किया है कि वह मूल रूप से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का रहने वाला है और उसे और उसके कई साथियों को अफगानिस्तान में घुसपैठ करने से पहले पाकिस्तान के क्वेटा शहर में एक मदरसे में ट्रेनिंग दी गई थी।
उसने अपने कबूलनामे में कहा:
"हमें क्वेटा में एक सेमिनरी (मदरसा) में 15 दिनों की जिहादी और सैन्य ट्रेनिंग दी गई थी। वहां हमें हथियार चलाना और बम बनाना सिखाया गया। हमारी ट्रेनिंग पूरी होने के बाद, हमें अफगानिस्तान भेजा गया।"
क्या कहा दूसरे आतंकी ने?
इसी वीडियो में, नंगरहार प्रांत से पकड़े गए एक और ISIS आतंकी ने भी यही बात दोहराई। उसने बताया कि ISIS-K अफगानिस्तान में हमले करने के लिए पाकिस्तान से लड़ाकों की भर्ती करता है। उसने कहा, "ISIS लड़ाकों को भर्ती करने के लिए पाकिस्तान से बहुत समर्थन मिलता है।"
तालिबान ने पाकिस्तान को दिखाया आईना
तालिबान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान की धरती का इस्तेमाल उसके खिलाफ हो रहा है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों का बहाना बनाकर पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान पर उंगली उठाता रहा है। लेकिन इस वीडियो कबूलनामे ने अब पूरी बाजी पलट दी है। यह वीडियो इस बात का पुख्ता सबूत है कि पाकिस्तान न केवल TTP, बल्कि ISIS जैसे खतरनाक वैश्विक आतंकवादी संगठन के लिए भी एक सुरक्षित पनाहगाह और ट्रेनिंग ग्राउंड बना हुआ है।
यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान की दोहरी नीति का पर्दाफाश हुआ है। ओसामा बिन लादेन भी पाकिस्तान में ही मारा गया था और 9/11 हमले की साजिश भी वहीं रची गई थी। यह नया सबूत FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है, जो पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' से बाहर कर चुका है। सवाल यह उठता है कि दुनिया आतंकवाद के इस सबसे बड़े 'निर्यातक' के खिलाफ आखिर कब कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई करेगी?