जयपुर में वॉटर इमरजेंसी बीसलपुर लाइन में बड़ा लीकेज, 60 घंटे का महा-शटडाउन
News India Live, Digital Desk : गुलाबी नगरी के 50 लाख बाशिंदों के लिए अगले तीन दिन परीक्षा की घड़ी साबित होने वाले हैं। बीसलपुर से जयपुर को पानी पिलाने वाली मुख्य 2300 मिमी व्यास की पाइपलाइन में एक 'गंभीर रिसाव' (Major Leakage) सामने आया है। इसे ठीक करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने 60 घंटे के शटडाउन का ऐलान किया है। शनिवार (28 मार्च 2026) रात 8 बजे से ही सूरजपुरा पंपिंग स्टेशन से पानी की आपूर्ति रोक दी गई है।
डायरी में नोट कर लें 'नो-वॉटर' टाइम-टेबल
मरम्मत कार्य की जटिलता को देखते हुए विभाग ने जलापूर्ति का जो शेड्यूल जारी किया है, वह इस प्रकार है:
28 मार्च (शनिवार रात): रात 8 बजे से पंपिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है।
29 मार्च (रविवार): पूरे जयपुर शहर में बीसलपुर से होने वाली सप्लाई 100% बाधित रहेगी।
30 मार्च (सोमवार सुबह): नलों में पानी नहीं आएगा। शाम तक मरम्मत सफल रही, तो कुछ इलाकों में 'आंशिक' आपूर्ति संभव है।
31 मार्च (मंगलवार): सुबह से धीरे-धीरे जलापूर्ति सामान्य पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
क्यों जरूरी था यह शटडाउन?
अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ के अनुसार, पाइपलाइन का लीकेज काफी बड़ा है। यदि इसे अभी ठीक नहीं किया गया, तो आने वाले महीनों में भीषण गर्मी के दौरान पाइपलाइन फटने का खतरा बढ़ सकता था। यह मरम्मत कार्य विभाग के 'समर कंटिन्जेंसी प्लान' का हिस्सा है ताकि जून की तपती दोपहर में शहर को पानी के लिए न जूझना पड़े।
PHED की वैकल्पिक तैयारी और अपील
नलकूपों का सहारा: शटडाउन के दौरान विभाग नलकूपों (Tubewells) के जरिए स्थानीय स्तर पर पानी देने की कोशिश करेगा, लेकिन यह बीसलपुर की तुलना में काफी कम होगा।
टैंकर सेवा: अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए टैंकरों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
आमजन से अपील: विभाग ने लोगों से पुरजोर अपील की है कि वे पानी का उपयोग केवल अनिवार्य कार्यों (पीने और खाना बनाने) के लिए करें। गाड़ी धोने या गार्डनिंग जैसे कामों में पानी बिल्कुल बर्बाद न करें।