Voter List Update : झारखंड में 1 अप्रैल से शुरू होगा SIR अभियान 100 दिन में वोटर लिस्ट से कटेंगे 12 लाख फर्जी नाम, जानें क्या है पूरी योजना

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News India Live, Digital Desk : झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने कमर कस ली है। राज्य में 1 अप्रैल 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान की शुरुआत होने जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य मतदाता सूची की सभी विसंगतियों को दूर करना है। राज्य प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को 100 दिनों के भीतर पूरा करने का सख्त लक्ष्य रखा है।

1. क्या है एसआईआर (SIR) और क्यों है यह जरूरी? (What is Special Intensive Revision)

एसआईआर एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया जाता है।

फर्जी नामों पर लगाम: सत्यापन के दौरान उन नामों को हटाया जाएगा जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं।

12 लाख नामों पर संदेह: शुरुआती जांच और 2003 की मतदाता सूची के आधार पर किए गए सत्यापन में लगभग 12 लाख ऐसे मतदाता मिले हैं, जिनके विवरण में गड़बड़ी है।

2. 100 दिन का मास्टर प्लान: 11 मार्च को बड़ी बैठक (Execution Strategy)

निर्वाचन आयोग ने झारखंड में इस अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए 'काउंटडाउन' शुरू कर दिया है:

राज्य स्तरीय बैठक: आगामी 11 मार्च को रांची में सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।

प्री-रिविजन गतिविधियां: मार्च महीने के भीतर ही सभी प्रारंभिक तैयारियों और तकनीकी कमियों को दूर कर लिया जाएगा ताकि 1 अप्रैल से मैदानी काम शुरू हो सके।

डेडलाइन: के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि अन्य राज्यों की तरह झारखंड अतिरिक्त समय की मांग नहीं करेगा और 90 से 100 दिनों के भीतर फाइनल रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।

3. बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर करेंगे जांच (House-to-House Verification)

इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) आपके घर पहुँचेंगे:

दस्तावेजों का मिलान: मतदाता पहचान पत्र, आधार और निवास प्रमाण पत्र का मिलान किया जाएगा।

नए मतदाताओं का पंजीकरण: जो युवा 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उनका नाम भी इस दौरान जोड़ा जाएगा।

डिजिटल ट्रैकिंग: इस बार पूरी प्रक्रिया की निगरानी ईसीआई-नेट (ECINet) ऐप के माध्यम से की जाएगी ताकि डेटा में कोई हेरफेर न हो सके।

4. झारखंड की राजनीति में एसआईआर पर घमासान (Political Reactions)

एसआईआर की घोषणा के साथ ही झारखंड में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है:

विपक्ष का रुख: भाजपा नेताओं का कहना है कि यह मतदाता सूची को साफ करने की एक संवैधानिक प्रक्रिया है जिसे रोका नहीं जा सकता।

गठबंधन की चिंता: इंडिया गठबंधन के कुछ नेताओं ने आशंका जताई है कि इस प्रक्रिया में किसी खास वर्ग के वैध वोट न कटें, इसे लेकर वे सतर्क रहेंगे।

5. आम नागरिकों के लिए निर्देश: लिस्ट में ऐसे चेक करें नाम

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। यदि आपका नाम वोटर लिस्ट में है, तो आप 'Voter Helpline App' या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस देख सकते हैं। यदि कोई त्रुटि है, तो फॉर्म-8 भरकर सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।