Ranchi Elephant Attack : रांची के रातू में जंगली हाथी का तांडव एक को कुचलकर मार डाला, दो की हालत नाजुक दहशत में डूबे कई गांव
News India Live, Digital Desk : झारखंड की राजधानी रांची के बाहरी इलाके रातू में जंगली हाथी के हमले से कोहराम मच गया है। सोमवार, 2 मार्च 2026 की सुबह एक दंतैल हाथी ने रिहायशी इलाके में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना के बाद से ही चितरकोटा, पाली और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
1. कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? (The Incident)
हाथी सुबह करीब 5 बजे रातू थाना क्षेत्र के चितरकोटा बड़का टोली गांव में दाखिल हुआ।
ललकारना पड़ा भारी: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक ने हाथी को करीब से ललकारने की कोशिश की, जिससे हाथी भड़क गया। हाथी ने उसे पटककर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 45 वर्षीय सुबोध खलखो के रूप में हुई है।
दो अन्य घायल: हाथी के हमले में रोशन खलखो और एक महिला (पेरिया उराइन) भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए रांची के सदर अस्पताल और रिम्स (RIMS) में भर्ती कराया गया है।
2. 4 दिनों में दूसरी बार शहर की ओर बढ़ा हाथी (Repeated Intrusions)
रांची और आसपास के इलाकों में हाथियों का शहर की ओर रुख करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
पिछला वाक्या: इससे पहले शुक्रवार को भी एक हाथी हटिया और धुर्वा के रिहायशी इलाकों में घुस आया था, जिससे घंटों तक अफरातफरी मची रही थी।
ग्रामीणों का शक: स्थानीय लोगों का मानना है कि यह वही हाथी है जो पिछले कुछ दिनों से इस बेल्ट में घूम रहा है, हालांकि वन विभाग इसकी पुष्टि करने में जुटा है।
3. वन विभाग की कार्रवाई और मुआवजा (Forest Dept Action)
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और रातू थाना प्रभारी मौके पर पहुँचे।
तत्काल राहत: रांची डीएफओ (DFO) श्रीकांत वर्मा ने मृतक के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 25,000 रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की है। सरकारी नियमों के अनुसार, कुल 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
रेस्क्यू ऑपरेशन: हाथी को वापस जंगल की ओर खदेड़ने के लिए विशेषज्ञ टीम तैनात की गई है। ड्रोन के जरिए हाथी की लोकेशन ट्रैक की जा रही है।
4. प्रशासन की अपील: हाथी से दूरी बनाएं (Safety Advisory)
मानव-हाथी संघर्ष (Human-Elephant Conflict) को देखते हुए प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:
भीड़ न लगाएं: हाथी को देखने के लिए भीड़ जमा न करें और न ही उसे पत्थर मारकर या चिल्लाकर उकसाएं।
अंधेरे में सावधानी: शाम के बाद और सुबह तड़के खेतों की ओर जाने से बचें।
अलर्ट: वन विभाग ने हाथियों के मूवमेंट वाले रास्तों पर रहने वाले ग्रामीणों को टॉर्च और पटाखों के साथ अलर्ट रहने को कहा है।
5. झारखंड में गहराता संकट
झारखंड में पिछले कुछ महीनों में हाथियों के हमले में करीब 28 लोगों की जान जा चुकी है। चाईबासा, हजारीबाग और अब रांची में हुई इन घटनाओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भी चिंता बढ़ा दी है। सरकार हाथियों के कॉरिडोर और रिहायशी इलाकों के बीच फेंसिंग व अन्य सुरक्षा उपायों पर विचार कर रही है।