विवेक अग्निहोत्री vs कोलकाता पुलिस: 'द बंगाल फाइल्स' के ट्रेलर लॉन्च पर रोक, फिल्म निर्माता बोले - "यह फासीवाद है!"
'द कश्मीर फाइल्स' जैसी विवादास्पद लेकिन ब्लॉकबस्टर फिल्म बनाने वाले निर्देशक विवेक अग्निहोत्री एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, और इस बार वजह है उनकी आने वाली फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' (The Bengal Files)। यह फिल्म रिलीज होने से बहुत पहले ही एक बड़े राजनीतिक और वैचारिक टकराव का केंद्र बन गई है। विवेक अग्निहोत्री ने एक सनसनीखेज आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पुलिस ने उनकी फिल्म के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम पर रोक लगा दी है।
अग्निहोत्री ने इसे सीधे तौर पर राज्य की ममता बनर्जी सरकार द्वारा उनकी 'अभिव्यक्ति की आजादी' (Freedom of Speech) पर हमला बताया है, जिसके बाद सियासी गलियारों में एक नया भूचाल आ गया है। यह घटना दिखाती है कि 'द कश्मीर फाइल्स' की तरह ही, अग्निहोत्री की यह फिल्म भी भारतीय राजनीति और समाज में एक गहरी बहस छेड़ने वाली है।
क्या है पूरा मामला और विवेक अग्निहोत्री के आरोप?
विवेक अग्निहोत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह जानकारी साझा करते हुए दावा किया कि वह अपनी फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' का ट्रेलर कोलकाता में लॉन्च करना चाहते थे। लेकिन, कार्यक्रम से ठीक पहले, कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) ने कथित तौर पर आयोजकों को अनुमति देने से इनकार कर दिया।
अग्निहोत्री के अनुसार, पुलिस ने इसके पीछे "कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने" और "सांप्रदायिक तनाव फैलने" की आशंका का हवाला दिया। पुलिस को डर था कि इस ट्रेलर लॉन्च से शहर की शांति भंग हो सकती है।
कोलकाता पुलिस की कार्रवाई पर विवेक अग्निहोत्री का तीखा पलटवार
इस घटना के बाद, विवेक अग्निहोत्री ने पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक और फासीवादी कदम करार दिया।
- अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला: उन्होंने कहा, "यह चौंकाने वाला है! एक महिला मुख्यमंत्री द्वारा शासित राज्य में, एक फिल्म निर्माता को उसकी फिल्म का ट्रेलर तक लॉन्च नहीं करने दिया जा रहा है। यह सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।"
- "हिंदू आवाजों के खिलाफ युद्ध": उन्होंने इसे और आगे ले जाते हुए कहा कि यह "हिंदू आवाजों के खिलाफ एक युद्ध" है और सच को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है।
- दिल्ली में होगा ट्रेलर लॉन्च: अग्निहोत्री ने ऐलान किया है कि वह हार नहीं मानेंगे और अब 'द बंगाल फाइल्स' का ट्रेलर दिल्ली में लॉन्च करेंगे।
क्यों है 'द बंगाल फाइल्स' इतनी विवादास्पद? ('फाइल्स' ट्रायोलॉजी का हिस्सा)
इस फिल्म को लेकर इतनी गहमागहमी इसलिए भी है क्योंकि यह विवेक अग्निहोत्री की 'फाइल्स' ट्रायोलॉजी का हिस्सा मानी जा रही है।
- 'द कश्मीर फाइल्स': इस ट्रायोलॉजी की पहली फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' ने 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और पलायन के मुद्दे को दिखाया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक रूप से सफल रही, लेकिन इसने देश में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद भी खड़ा कर दिया था। एक वर्ग ने इसे सच को दिखाने वाली साहसी फिल्म बताया, तो दूसरे वर्ग इसे एक 'प्रोपेगेंडा' फिल्म करार दिया।
- 'द दिल्ली फाइल्स': इसकी दूसरी कड़ी 1984 के सिख विरोधी दंगों पर आधारित है, जो अभी बन रही है।
- 'द बंगाल फाइल्स': अब इस तीसरी कड़ी से उम्मीद की जा रही है कि यह पश्चिम बंगाल के इतिहास से जुड़े किसी संवेदनशील या विवादास्पद अध्याय को पर्दे पर लाएगी। हालांकि फिल्म की कहानी को अभी गुप्त रखा गया है, लेकिन इसके नाम और अग्निहोत्री के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह बंगाल के विभाजन या उसके बाद हुई किसी हिंसक घटना पर आधारित हो सकती है।
ट्रेलर लॉन्च से पहले ही हुए इस विवाद ने यह तो साफ कर दिया है कि 'द बंगाल फाइल्स' रिलीज होने पर 'द कश्मीर फाइल्स' से भी बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर सकती है।