vitamin D Deficiency : सिक्स-पैक एब्स की चाहत में हड्डियां हो रही हैं खोखली, जेन-जी की सेहत से सबसे बड़ा खिलवाड़
News India Live, Digital Desk: vitamin D Deficiency : आज की युवा पीढ़ी, यानी जेन-जी (Gen Z), शायद अब तक की सबसे स्वास्थ्य-सजग पीढ़ी मानी जाती है. फिटनेस ट्रैकर, कैलोरी काउंट और जिम सेल्फी... यह सब उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है. लेकिन इस फिटनेस की दीवानगी के पीछे एक ऐसा खतरनाक सच छिपा है, जिस पर विश्व पोषण सप्ताह (World Nutrition Week) के दौरान ध्यान देना बेहद ज़रूरी है. सच यह है कि जल्दी वजन घटाने और सोशल मीडिया पर 'परफेक्ट' दिखने की चाह में जेन-जी तेजी से 'फ্যাড ডায়েট' (Fad Diets) यानी कुछ समय के लिए में रहने वाली डाइट योजनाओं का शिकार हो रही है, और इसका सबसे बुरा असर उनकी हड्डियों पर पड़ रहा है.
यह एक चौंकाने वाली हकीकत है कि कम उम्र में ही घुटनों और कमर में दर्द, बार-बार फ्रैक्चर होना और हड्डियों का कमजोर होना जैसी समस्याएं अब युवाओं में आम होती जा रही हैं और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है - फैड डाइट और प्रोटीन की भारी कमी.
क्या हैं ये फैड डाइट और ये क्यों हैं खतरनाक?
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर आपको ऐसी हजारों डाइट मिल जाएंगी जो कुछ ही हफ्तों में वजन घटाने का चमत्कारिक वादा करती हैं. कीटो डाइट, जूस डाइट, या फिर किसी सेलेब्रिटी के नाम पर चल रही कोई खास डाइट... ये सभी फैड डाइट की श्रेणी में आती हैं ये डाइट अक्सर हमारे शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों, खासकर प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी को पूरी तरह से नजरअंदाज कर देती हैं
इन डाइट में अक्सर डेयरी उत्पाद, अनाज या किसी एक पूरे फूड ग्रुप को हटाने के लिए कहा जाता है. नतीजा यह होता है कि शरीर को हड्डियां बनाने और उन्हें मजबूत रखने के लिए जरूरी कच्चा माल ही नहीं मिल पाता.
प्रोटीन की कमी: हड्डियों का सबसे बड़ा दुश्मन
अक्सर लोग सोचते हैं कि प्रोटीन सिर्फ मसल्स बनाने के लिए जरूरी है, लेकिन यह हड्डियों की सेहत का भी एक मुख्य आधार है.प्रोटीन हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बनाए रखने में मदद करता है. जब आप कम प्रोटीन वाली डाइट लेते हैं, तो आप सिर्फ वजन ही नहीं घटाते, बल्कि आपकी मांसपेशियां भी कमजोर होती हैं, जिसका सीधा असर हड्डियों की मजबूती पर पड़ता है.
एक चौंकाने वाला सर्वे बताता है कि 70% से ज्यादा शहरी भारतीय अपनी रोजाना की प्रोटीन की जरूरत भी पूरी नहीं कर पाते.जेन-जी के बीच यह समस्या और भी गंभीर है, जहां जल्दी पतले दिखने की होड़ में वे यह भूल जाते हैं कि वे अपनी हड्डियों के बैंक बैलेंस को खाली कर रहे हैं.
हड्डियों को सिर्फ कैल्शियम नहीं, और भी कुछ चाहिए
हड्डियों के लिए सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि कैल्शियम और विटामिन डी भी बेहद जरूरी हैं. फैड डाइट के चक्कर में अक्सर युवा दूध और डेयरी उत्पादों से दूरी बना लेते हैं, जिससे कैल्शियम की कमी हो जाती है. इसके साथ ही, भारत के लगभग 90% शहरी युवा विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं, जिसका एक बड़ा कारण इनडोर लाइफस्टाइल और धूप में कम निकलना है विटामिन डी के बिना हमारा शरीर कैल्शियम को ठीक से सोख भी नहीं पाता.
क्या कहती है विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी चेतावनी दी है कि ऑस्टियोपोरोसिस, यानी हड्डियों के कमजोर होने की बीमारी, अब सिर्फ बूढ़ों की बीमारी नहीं रह गई है खराब डाइट और गतिहीन जीवनशैली इसे दशकों पहले युवाओं की दहलीज पर ले आई है
इस विश्व पोषण सप्ताह पर, युवाओं को यह समझने की जरूरत है कि फिटनेस का मतलब सिर्फ पतली कमर या सिक्स-पैक एब्स नहीं है. असली फिटनेस का मतलब शरीर को अंदर से मजबूत बनाना है. शॉर्टकट और फैड डाइट आपको कुछ समय के लिए आकर्षक तो दिखा सकते हैं, लेकिन लंबे समय में यह आपकी सेहत का सौदा है, जिसे चुकाना बहुत महंगा पड़ सकता है. आपके 20s का दशक शरीर के खजाने को भरने का समय है, उसे खाली करने का नहीं.