Vidur Niti : सावधान व्यक्ति को विनाश की ओर ले जाती हैं ये 5 आदतें, आज ही सुधार लें वरना पछताएंगे
News India Live, Digital Desk: महात्मा विदुर ने महाराज धृतराष्ट्र को जीवन के जो उपदेश दिए थे, उन्हें 'विदुर नीति' के नाम से जाना जाता है। विदुर जी के अनुसार, बुद्धिमान व्यक्ति वही है जो अपनी कमजोरियों को पहचान ले। उन्होंने ऐसी 5 बड़ी गलतियों या आदतों का जिक्र किया है जो किसी भी सुखी और समृद्ध व्यक्ति को बर्बादी की कगार पर खड़ा कर सकती हैं।
1. आलस्य (Laziness): सफलता का सबसे बड़ा दुश्मन
विदुर नीति के अनुसार, आलसी व्यक्ति के पास कभी लक्ष्मी नहीं टिकती। जो व्यक्ति आज का काम कल पर टालता है, वह न केवल अवसर खो देता है बल्कि धीरे-धीरे समाज में अपनी प्रतिष्ठा भी गंवा देता है। आलस्य व्यक्ति की बुद्धि को कुंद कर देता है।
2. क्रोध (Anger): विवेक का नाश करने वाला
विदुर जी कहते हैं कि क्रोध एक ऐसी अग्नि है जो दूसरे को जलाने से पहले खुद को जलाती है। गुस्से में व्यक्ति अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है और ऐसे फैसले ले लेता है जो उसके विनाश का कारण बनते हैं। क्रोधी व्यक्ति के अपने भी उसका साथ छोड़ देते हैं।
3. अत्यधिक मोह (Excessive Attachment)
किसी भी वस्तु या व्यक्ति के प्रति अंधा मोह इंसान को सही और गलत का फर्क भुला देता है। जिस तरह धृतराष्ट्र का अपने पुत्रों के प्रति मोह महाभारत के विनाश का कारण बना, ठीक वैसे ही अत्यधिक मोह व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता को खत्म कर देता है।
4. अहंकार (Ego): पतन की पहली सीढ़ी
विदुर नीति के अनुसार, जब व्यक्ति को अपनी शक्ति, पद या धन का घमंड हो जाता है, तो वह दूसरों का अपमान करने लगता है। अहंकार व्यक्ति को आत्ममुग्ध बना देता है, जिससे वह अपनी गलतियां नहीं देख पाता और अंततः उसका पतन निश्चित होता है।
5. दूसरों की उन्नति से ईर्ष्या (Jealousy)
जो व्यक्ति अपनी लकीर बड़ी करने के बजाय दूसरे की लकीर छोटी करने में लगा रहता है, वह कभी सुखी नहीं रह सकता। ईर्ष्या व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देती है और उसे षड्यंत्रों में उलझा देती है, जो बाद में उसी के लिए घातक साबित होते हैं।