Vedic Science : संस्कृत के शब्द और गणित का खेल देवव्रत ने कैसे किया वो कारनामा जो बड़े बड़े विद्वान नहीं कर पाते?
News India Live, Digital Desk : इंटरनेट की दुनिया में हर रोज हजारों वीडियो वायरल होते हैं। कभी डांस, कभी कॉमेडी। लेकिन हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वीडियो में कोई फिल्मी हीरो नहीं, बल्कि एक साधारण सा दिखने वाला किशोर है, जो कुछ ऐसा बोल रहा है जिसे सुनकर अच्छे-अच्छों का दिमाग चकरा जाए।
जी हाँ, हम बात कर रहे हैं वेदमुर्ति देवव्रत महेश रेखे (Vedamurti Devavrat Mahesh Rekhe) की। लेकिन आखिर देवव्रत ने ऐसा क्या कर दिया कि देश के प्रधानमंत्री को उनका वीडियो शेयर करना पड़ा? और ये "दंडक्रम" (Dandakrama) क्या बला है? आइए, एकदम आसान भाषा में समझते हैं।
पुणे का "वैदिक वंडर बॉय" (Who is Devavrat?)
देवव्रत रेखे महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले हैं। आजकल के बच्चे जहां मोबाइल गेम्स में उलझे हैं, वहीं देवव्रत ने अपनी जिंदगी वेदों (Vedas) और संस्कृत (Sanskrit) को समर्पित कर दी है। वे "गुरुकुल" परंपरा के छात्र हैं।
वायरल वीडियो में देवव्रत वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर रहे हैं, लेकिन यह कोई साधारण मंत्रोच्चारण नहीं है। वे 'ऋग्वेद' के मंत्रों को एक बेहद कठिन तकनीक से बोल रहे हैं, जिसे "दंडक्रम" कहा जाता है।
क्या है ये 'दंडक्रम' जिससे दिमाग का दही हो जाता है? (What is Dandakrama Parayanam?)
इस हिस्से को जरा ध्यान से समझिएगा। वेदों को हजारों सालों से "श्रुति" (सुनकर याद रखना) के जरिए सुरक्षित रखा गया है। मंत्रों में एक भी शब्द इधर से उधर न हो, इसके लिए हमारे ऋषियों ने एक "कोडिंग सिस्टम" बनाया था। इसे 'विकृति पाठ' कहते हैं। इसमें 11 तरीके होते हैं, और उन्हीं में से एक है—दंडक्रम।
आसान भाषा में समझाऊं तो:
मान लीजिए एक लाइन है— "क ख ग घ"।
साधारण इंसान इसे सीधा पढ़ेगा। लेकिन दंडक्रम वाला इसे गणित के फार्मूले की तरह पढ़ेगा:
"क ख, ख क, क ख ग, ग ख क, क ख ग घ..."
सोचिये, देवव्रत बिना किसी किताब को देखे, बिना रुके, मंत्रों के शब्दों को आगे-पीछे करके (Permutation and Combination) इतनी तेजी से बोल रहे हैं कि सुनने वाला दंग रह जाए। इसके लिए कंप्यूटर जैसी याददाश्त (Photographic Memory) और गजब का फोकस चाहिए होता है। अगर ध्यान एक सेकंड भी भटका, तो पूरा चैन (Chain) टूट जाएगा।
PM मोदी ने क्या कहा? (PM Modi's Reaction)
प्रधानमंत्री मोदी, जो खुद भारतीय संस्कृति के बहुत बड़े प्रशंसक हैं, इस टैलेंट को देख हैरान रह गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर देवव्रत की तारीफ करते हुए लिखा कि यह देखना अद्भुत है। उन्होंने काशी तमिल संगमम (Kashi Tamil Sangamam) का जिक्र करते हुए कहा कि देवव्रत जैसे युवा ही हमारी प्राचीन विरासत (Ancient Heritage) को आगे लेकर जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने इसे सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि भारत की 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि जब तक देवव्रत जैसे नौजवान हैं, हमारी हजारों साल पुरानी परंपराएं सुरक्षित हैं।
क्यों खास है देवव्रत का यह कारनामा?
- अनुशासन (Discipline): यह कला एक-दो दिन में नहीं सीखी जाती। इसके लिए बचपन से ही कठोर तपस्या और रटने की नहीं, बल्कि 'समझने' की शक्ति चाहिए होती है।
- विज्ञान और गणित (Maths within Mantras): लोग सोचते हैं कि संस्कृत सिर्फ पूजा-पाठ की भाषा है। लेकिन देवव्रत ने साबित कर दिया कि वैदिक मंत्रों में उच्च स्तर का गणित (Advanced Mathematics) और पैटर्न छिपा होता है।
- प्रेरणा (Inspiration): आज की युवा पीढ़ी जो अपनी जड़ों से कट रही है, उनके लिए देवव्रत एक रोल मॉडल बनकर उभरे हैं।