वैष्णो देवी यात्रा भूस्खलन के कारण रुकी, जानें बुकिंग कैंसिल होने पर कैसे मिलेगा पूरा पैसा वापस
Vaishno Devi yatra suspended : माता वैष्णो देवी के दर्शन करने की इच्छा रखने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक ज़रूरी ख़बर है. जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और उसके कारण हुए भूस्खलन (पहाड़ खिसकने) की वजह से श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है. यह फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
क्यों और कहाँ रोकी गई है यात्रा?
भारी बारिश के कारण कटरा से भवन तक जाने वाले नए बैटरी कार मार्ग पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे रास्ता ख़तरनाक हो गया है. इसी को देखते हुए, श्राइन बोर्ड नेनए बैटरी कार मार्गसे यात्रा को पूरी तरह से बंद कर दिया है. हालांकि, पुराने और पारंपरिक रास्ते को फिर से खोलने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इससे पहले पूरे रास्ते की सुरक्षा की जांच की जाएगी.
मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की चेतावनी दी है, इसलिए यात्रा कब दोबारा सुचारू रूप से शुरू होगी, इस बारे में अभी कुछ भी कहना मुश्किल है.
टिकट और बुकिंग के पैसे वापस कैसे मिलेंगे?
यात्रा रुकने से सबसे ज़्यादा चिंता उन श्रद्धालुओं को हो रही है जिन्होंने हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, गेस्ट हाउस या अटका आरती जैसी सेवाओं के लिए पहले से ऑनलाइन बुकिंग कर रखी है। ऐसे श्रद्धालुओं को घबराने की ज़रूरत नहीं है। श्राइन बोर्ड ने घोषणा की है कि यात्रा रुकने से जिनकी भी बुकिंग प्रभावित हुई है, उन्हें 100% यानी पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा।
रिफंड पाने की प्रक्रिया:
हेलीकॉप्टर टिकट वापसी: अगर आपने हेलीकॉप्टर ऑनलाइन बुक किया था और आपकी यात्रा रद्द हो जाती है, तो आपको कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं है। श्राइन बोर्ड की नीति के अनुसार, अगर खराब मौसम या किसी अन्य कारण से उड़ान रद्द होती है, तो टिकट का पैसा अपने आप उसी बैंक खाते या कार्ड में वापस कर दिया जाता है जिससे आपने भुगतान किया था।
अन्य सेवाओं (गेस्ट हाउस, अटका आरती) का रिफंड: इन सेवाओं के लिए भी रिफंड प्रक्रिया अपने आप शुरू हो जाएगी। आपका पैसा उसी माध्यम से वापस किया जाएगा जिससे आपने बुकिंग की थी।
श्राइन बोर्ड लगातार स्थिति पर नज़र रख रहा है और जैसे ही सड़क सुरक्षित हो जाएगी, यात्रा फिर से शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा। तब तक, श्रद्धालुओं से धैर्य रखने और बोर्ड के अगले निर्देशों की प्रतीक्षा करने की अपील की गई है।