तिगरी गंगा मेला 2026: अमरोहा में भव्य आयोजन के लिए 18 समितियां गठित

तिगरी गंगा मेला 2026: अमरोहा में भव्य आयोजन के लिए 18 समितियां गठित

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक राजकीय तिगरी गंगा मेला 2026 को अभूतपूर्व दिव्यता व भव्यता प्रदान करने के लिए अमरोहा जिला प्रशासन ने धरातल पर युद्धस्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा किनारे लगने वाले इस पारंपरिक मेले में देश भर से लाखों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों के जुटने की संभावना है। गंगा के रेतीले तट पर एक अस्थायी तंबुओं का आध्यात्मिक शहर बसाने के लिए प्रशासनिक अमले ने मेला क्षेत्र में जमीन के चिह्नांकन और लेआउट तैयार करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोजन को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 18 विशेष समितियों का गठन किया गया है, जिसमें जिले के 50 शीर्ष अधिकारियों और कर्मचारियों को अध्यक्ष एवं सहायक के तौर पर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। सभी समितियों को तुरंत प्रभाव से मेला स्थल पर पहुंचकर अपने-अपने विभागों से जुड़े विकास कार्यों को गति देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

24 नवंबर को होगा मुख्य स्नान पर्व, लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए सज रहा रेतीला मैदान

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और आस्था के महासंगम तिगरी गंगा मेला में इस वर्ष का मुख्य स्नान पर्व 24 नवंबर को संपन्न होगा। कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि पर मां गंगा की पवित्र धारा में डुबकी लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तराखंड से भारी संख्या में श्रद्धालु तिगरी धाम पहुंचते हैं। आस्था के इस विशाल रेतीले प्रांगण में परिवार सहित डेरा जमाने वाले ग्रामीणों के ठहरने, भोजन और धार्मिक अनुष्ठानों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन विशाल स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहा है। मुख्य स्नान के दिन गंगा घाटों पर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने, गहरे पानी में जाने से रोकने और सुगम स्नान उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा और तकनीकी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय किया जा रहा है।

व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने के लिए 18 विशेष समितियों का गठन, बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा जोर

तिगरी मेले की व्यवस्थाओं को आधुनिक और जनसुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन ने कार्यों का सूक्ष्म स्तर पर विभाजन किया है। गठित की गई 18 समितियों में टेंट एवं फर्नीचर समिति, घाट, बैरिकेडिंग व बैरियर समिति, लेआउट अस्थायी मार्ग व टिन फेसिंग समिति, विद्युत व्यवस्था समिति तथा गंगा के प्रवाह से सुरक्षा के लिए बाढ़ कटान व्यवस्था समिति प्रमुख हैं। श्रद्धालुओं के मनोरंजन और धार्मिक उल्लास के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति का गठन किया गया है, जबकि खान-पान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए फूड हब समिति सक्रिय रहेगी। इसके साथ ही पेयजल व्यवस्था समिति, शौचालय एवं साफ-सफाई व्यवस्था समिति तथा मेला क्षेत्र में लगने वाली दुकानों के पारदर्शी आवंटन एवं शुल्क निर्धारण समिति को धरातल पर उतारा गया है। मेले के बौद्धिक और तकनीकी प्रचार-प्रसार के लिए विकास व कृषि प्रदर्शनी व्यवस्था समिति, पंडाल एवं आवंटन समिति, खेल विकास समिति, टेबिल बुक निर्माण, सुरक्षा समिति, डिजिटल संचार हेतु नेटवर्क समिति, मेला संपन्न होने के उपरांत स्वच्छता समिति तथा स्मारिका, लोगो एवं वेबसाइट प्रबंधन समिति को भी क्रियान्वित किया गया है।

एडीएम वित्त गरिमा सिंह को 8 समितियों का प्रभार, प्रशासनिक अफसरों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारियां

मेले की प्रशासनिक कमान को मजबूती प्रदान करने के लिए जिम्मेदारियों का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। जिले की अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गरिमा सिंह को 18 में से 8 सबसे महत्वपूर्ण समितियों का अध्यक्ष नामित किया गया है, जिनके जिम्मे वित्तीय आवंटन, बुनियादी ढांचे का निर्माण और व्यवस्थागत समन्वय रहेगा। वहीं अन्य प्रमुख समितियों का नेतृत्व एडीएम (न्यायिक) धीरेंद्र प्रताप सिंह, उपनिदेशक कृषि महेंद्र पाल, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया, जिला आबकारी अधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सौंपा गया है। इन अधिकारियों की देखरेख में पुलिस और प्रशासनिक अमला यह सुनिश्चित करेगा कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को बिजली, पानी, स्वास्थ्य या सुरक्षा संबंधी किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। गंगा के तेज बहाव वाले संवेदनशील घाटों पर विशेष बैरिकेडिंग और गोताखोरों की तैनाती का खाका भी तैयार किया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों के स्वागत और सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल समिति, धनौरा की महिला अफसरों को कमान

राजकीय तिगरी गंगा मेला में प्रदेश सरकार के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य विशिष्ट गणमान्य अतिथियों के बड़े पैमाने पर आगमन को ध्यान में रखते हुए एक विशेष दो सदस्यीय प्रोटोकॉल व्यवस्था समिति का गठन किया गया है। इस समिति की संपूर्ण जिम्मेदारी तहसील धनौरा की उपजिलाधिकारी (न्यायिक) रीतू कुमारी और पुलिस उपाधीक्षक (सीओ धनौरा) अंजलि कटारिया को सौंपी गई है। यह उच्चस्तरीय प्रोटोकॉल समिति मेले के दौरान आने वाले सभी जनप्रतिनिधियों और वीआईपी अतिथियों के आवागमन, ठहरने, सुरक्षा बंदोबस्त और कार्यक्रम समन्वय की निगरानी करेगी, जिससे मुख्य मेला क्षेत्र में आम श्रद्धालुओं के आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न न हो। प्रशासनिक स्तर पर की जा रही इन अग्रिम तैयारियों से स्पष्ट है कि तिगरी गंगा मेला 2026 को सुरक्षा, स्वच्छता और भव्यता के मामले में ऐतिहासिक बनाने की पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है।