टीम इंडिया में वापसी पर बोले मोहम्मद शमी, रणजी ब्रेक और 2027 वनडे वर्ल्ड कप की अटकलों पर दिया दो टूक जवाब

टीम इंडिया में वापसी पर बोले मोहम्मद शमी, रणजी ब्रेक और 2027 वनडे वर्ल्ड कप की अटकलों पर दिया दो टूक जवाब

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे अनुभवी और घातक तेज गेंदबाजों में शुमार मोहम्मद शमी ने राष्ट्रीय टीम में अपनी वापसी, घरेलू क्रिकेट के महत्व और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बात की है। वनडे विश्व कप के इतिहास में भारत के सबसे सफल तेज गेंदबाज होने के बावजूद शमी इस समय राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उनके हौसले और जज्बे में तनिक भी कमी नहीं आई है। नई दिल्ली में सर्विसेज के खिलाफ खेले गए रणजी ट्रॉफी मुकाबले के दौरान उनके मैदान पर न उतरने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। मीडिया में यह कयास लगाए जाने लगे थे कि वे चोटिल हो गए हैं। हालांकि, मैच के बाद शमी ने इन तमाम अफवाहों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह फिट हैं और ब्रेक लेने का फैसला पूरी तरह पिच की परिस्थितियों और टीम संयोजन पर आधारित रणनीतिक निर्णय था।

पालम मैदान पर सर्विसेज के खिलाफ क्यों नहीं खेले शमी: पिच की परिस्थिति और स्पिनरों का दबदबा

नई दिल्ली के पालम स्थित एयर फोर्स ग्राउंड ए पर बंगाल और सर्विसेज के बीच खेले गए रणजी ट्रॉफी 2026 के मुकाबले में जब मोहम्मद शमी अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बने, तो हर तरफ उनकी फिटनेस को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे। मुकाबले के पहले ही दिन शमी ने संवाददाताओं से मुखातिब होते हुए साफ कर दिया था कि वे किसी गंभीर चोट से नहीं जूझ रहे हैं बल्कि पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त हैं। मुकाबले के तीसरे दिन जब बंगाल ने सर्विसेज को 60 रनों से शिकस्त देकर शानदार जीत दर्ज की, तो शमी ने अपने न खेलने के फैसले के पीछे की असली तकनीकी वजह बताई। उन्होंने कहा कि पालम की पिच पूरी तरह से स्पिनरों के मुफीद थी और वहां तेज गेंदबाजों के लिए कोई खास मदद उपलब्ध नहीं थी। ऐसी परिस्थितियों में एक तेज गेंदबाज के तौर पर वे टीम के लिए ज्यादा उपयोगी साबित नहीं हो पाते। शमी का यह रणनीतिक आंकलन पूरी तरह सही साबित हुआ, क्योंकि बंगाल के स्पिनरों ने मैच में सर्विसेज के कुल 20 में से 19 विकेट झटककर अपनी टीम को तीन दिन के भीतर ही धमाकेदार जीत दिला दी।

'मेरे पास सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं, मुझसे कौन और क्यों बात करेगा': चयनकर्ताओं से संवाद पर बेबाक बयान

राष्ट्रीय टीम में वापसी और चयनकर्ताओं के साथ संपर्क को लेकर पूछे गए सवाल पर मोहम्मद शमी ने बिना किसी लाग-लपेट के बेहद बेबाक जवाब दिया। शमी ने साफ कहा कि वर्तमान समय में वे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के केंद्रीय अनुबंध (सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट) का हिस्सा नहीं हैं और न ही मुख्य राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं द्वारा उनसे सीधे बात करने का कोई औपचारिक कारण नहीं बनता। शमी ने कहा, "जब मैं टीम में नहीं हूं और मेरा कोई केंद्रीय अनुबंध भी नहीं है, तो मुझसे कौन बात करेगा और क्यों करेगा?" हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अनुबंध न होने से उनके समर्पण और मेहनत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। वे रणजी ट्रॉफी में बंगाल की ओर से पूरे दम-खम के साथ खेलते रहेंगे और राज्य टीम को जीत दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च योगदान देते रहेंगे।

'उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए': टीम इंडिया में कमबैक और लक्ष्यों को लेकर फौलादी इरादे

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मोहम्मद शमी ने आशावादिता की मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर उम्मीद का दामन कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जीवन के किसी भी पेशे या खेल के मैदान में आगे बढ़ने के लिए आपके सामने एक स्पष्ट लक्ष्य होना अनिवार्य है। शमी ने कहा, "मैं उम्मीद क्यों छोड़ूं? उम्मीद हमेशा जीवित रहनी चाहिए। इस समय मेरा सबसे बड़ा और तात्कालिक लक्ष्य रणजी ट्रॉफी के मुकाबले खेलना और बंगाल की टीम को चैंपियन बनाना है। जीवन में लक्ष्य हमेशा होते हैं और एक पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर पसीना बहाना पड़ता है। मैं अपने किसी भी लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटता।"

2027 वनडे वर्ल्ड कप की लंबी अटकलों पर फुल स्टॉप: 'दीर्घकालिक सोचने से बढ़ता है बेवजह का बोझ'

आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट चटकाने का कीर्तिमान आज भी मोहम्मद शमी के ही नाम दर्ज है। उन्होंने मात्र 18 मैचों में 55 बल्लेबाजों का शिकार किया है। साल 2023 के वनडे विश्व कप सेमीफाइनल में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ 57 रन देकर 7 विकेट (7/57) झटकने का उनका ऐतिहासिक स्पैल आज भी क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में ताजा है। आगामी 2027 वनडे विश्व कप में अब एक साल से भी कम का समय शेष है, ऐसे में जब शमी से उनकी विश्व कप योजनाओं पर पूछा गया तो उन्होंने लंबी अवधि की अटकलों को पूरी तरह निरर्थक करार दिया। शमी ने कहा कि वे इतना आगे का सोचकर खुद पर मानसिक दबाव नहीं बनाना चाहते। कल किसके साथ क्या होगा, कौन दौड़ेगा और कौन मैदान पर विकेट लेगा, यह कोई नहीं जानता। शमी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मिलने वाले हर घरेलू मैच को खेलकर खुद की गेंदबाजी कला और फिटनेस को निखारना ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भविष्य की चिंता करने के बजाय वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना ही एक एथलीट को मजबूत बनाता है।