नाबालिगों को शराब बेची तो खैर नहीं: लखनऊ में वायरल वीडियो पर योगी सरकार का कड़ा एक्शन, सेल्समैन बर्खास्त और भारी जुर्माना
उत्तर प्रदेश की भावी पीढ़ी और किशोरों को नशे के घातक दलदल से सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्यभर में कानून के सख्त अनुपालन का नया मानक स्थापित किया है। प्रदेश सरकार की आबकारी नीति का उद्देश्य केवल नकली, अवैध और जहरीली शराब के सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ फेंकना ही नहीं है, बल्कि कम उम्र के बच्चों और नाबालिगों तक किसी भी रूप में मादक पदार्थों की पहुंच को पूरी तरह प्रतिबंधित करना भी है। राजधानी लखनऊ के विकासनगर इलाके में एक नाबालिग बच्चे को शराब बेचे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राज्य के आबकारी महकमे ने बिना किसी विलंब के त्वरित दंडात्मक कार्रवाई करके शराब कारोबारियों और अनुज्ञापियों को स्पष्ट चेतावनी दे दी है कि कानून व नियमों से खिलवाड़ किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य डिजिटल मंचों पर नागरिकों द्वारा वीडियो साझा किए जाने के तुरंत बाद शासन ने मामले का संज्ञान लिया और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई के आदेश जारी किए।
लखनऊ के विकासनगर में सोशल मीडिया वीडियो पर बिजली जैसी फुर्ती से एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला आबकारी अधिकारी, लखनऊ ने 11 सितंबर को वायरल वीडियो की फॉरेंसिक और प्रशासनिक जांच कराई। आधिकारिक पड़ताल में यह प्रमाणित हुआ कि वीडियो विकासनगर थाना क्षेत्र के शुभौली स्थित एक कम्पोजिट शराब दुकान का है, जहां सेल्समैन और एक जागरूक नागरिक के बीच तीखी बहस हो रही थी। नागरिक का आरोप था कि दुकान का सेल्समैन बिना उम्र का सत्यापन किए एक नाबालिग बच्चे को खुलेआम शराब बेच रहा था। जांच टीम ने जब मौके पर जाकर पड़ताल की और दुकान के सेल्समैन का आचरण असंतोषजनक व नियमों के विपरीत पाया, तो अनुज्ञापी को निर्देश देकर उस लापरवाह सेल्समैन को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त करवा दिया। इसके साथ ही संबंधित कम्पोजिट दुकान के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कठोर प्रशमन (कंपाउंडिंग) की विधिक प्रक्रिया अमल में लाते हुए 30 हजार रुपये का नकद जुर्माना लगाया गया। महज कुछ ही घंटों के भीतर की गई इस त्वरित कार्रवाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल का फील्ड अफसरों को सख्त फरमान: 24 घंटे रखें निगरानी
इस कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के आबकारी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने मुख्यालय स्तर से लेकर जिला स्तर के सभी आबकारी निरीक्षकों, उपायुक्तों और प्रवर्तन दलों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और चौबीसों घंटे निगरानी रखने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। आबकारी मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश भर में संचालित किसी भी देशी, विदेशी मदिरा, बियर या मॉडल शॉप पर यदि 21 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग को शराब बेचे जाने की एक भी शिकायत मिली, तो न केवल सेल्समैन पर गाज गिरेगी बल्कि दुकान का लाइसेंस निरस्त करने और अनुज्ञापी पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शराब की दुकानों के बाहर 'नाबालिगों को शराब की बिक्री कानूनी अपराध है' के चेतावनी बोर्ड अनिवार्य रूप से लगवाएं और सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता की नियमित जांच करें ताकि नियमों का पारदर्शी पालन सुनिश्चित हो सके।
जहरीली शराब पर साढ़े चार साल से पूर्ण विराम: यूपी बना देश के लिए रोल मॉडल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व, शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) की नीति और डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली के चलते पिछले साढ़े चार वर्षों से अधिक समय से उत्तर प्रदेश में अवैध या जहरीली शराब की त्रासदी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। क्यूआर कोड आधारित बॉटल ट्रैकिंग, डिस्टिलरी स्तर पर डिजिटल निगरानी और सीमावर्ती जिलों में कड़े प्रवर्तन अभियानों के कारण उत्तर प्रदेश का आबकारी प्रबंधन आज देश के अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय रोल मॉडल बन चुका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राजस्व में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज करने के साथ-साथ समाज को नशामुक्त और सुरक्षित वातावरण देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, और लखनऊ में हुई यह त्वरित दंडात्मक कार्रवाई इसी अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।