52-वीक हाई से 56% टूटे KEC International को मिला ₹1,303 करोड़ का मेगा ऑर्डर, भारत से सऊदी तक फैला दबदबा

52-वीक हाई से 56% टूटे KEC International को मिला ₹1,303 करोड़ का मेगा ऑर्डर, भारत से सऊदी तक फैला दबदबा

शेयर बाजार में लगातार जारी उतार-चढ़ाव और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों पर बने दबाव के बीच आरपीजी ग्रुप (RPG Group) की प्रमुख वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी कंपनी केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड (KEC International Ltd) के निवेशकों के लिए एक अत्यंत उत्साहजनक खबर सामने आई है। लंबे समय से बिकवाली का सामना कर रही इस प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक नियामक फाइलिंग में पुष्टि की है कि उसने अपने ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) वर्टिकल के अंतर्गत कुल ₹1,303 करोड़ के कई नए और बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं। यह ऑर्डर इनफ्लो ऐसे समय पर आया है जब कंपनी का शेयर अपने 52-सप्ताह के रिकॉर्ड उच्च स्तर से आधे से भी अधिक टूटकर लगभग अपने निचले स्तरों के आसपास संघर्ष कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर मिले इन नए कार्य आदेशों से कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूत सहारा मिलेगा और आने वाली तिमाहियों में राजस्व वृद्धि को नई गति प्राप्त होगी।

भारत, मिडिल ईस्ट और अमेरिका में फैला T&D प्रोजेक्ट्स का दायरा

एक्सचेंज फाइलिंग में साझा की गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, केईसी इंटरनेशनल को मिले ₹1,303 करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स भारत के साथ-साथ मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) और अमेरिकी महाद्वीप (Americas) के बाजारों में फैले हुए हैं। घरेलू मोर्चे पर कंपनी को उत्तरी भारत में 400 kV ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए कंपनी ने सऊदी अरब में 380 kV ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का अहम अनुबंध हासिल किया है। वहीं अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार से कंपनी को ट्रांसमिशन टावर्स, हार्डवेयर फिटिंग्स और यूटिलिटी पोल्स की आपूर्ति से जुड़े व्यापक ऑर्डर मिले हैं। इसके साथ ही केईसी इंटरनेशनल के केबल्स एवं कंडक्टर्स बिजनेस को भी भारत और विदेशी बाजारों में विभिन्न ग्राहकों से नए वर्क ऑर्डर हासिल हुए हैं। यद्यपि कंपनी ने अलग-अलग अनुबंधों की व्यक्तिगत वित्तीय राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इन सभी ऑर्डर्स की कुल संचयी वैल्यू ₹1,303 करोड़ आंकी गई है।

निजी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट से पावर इवेक्यूएशन: एमडी विमल केजरीवाल का बयान

नए प्रोजेक्ट्स मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केईसी इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक (MD) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विमल केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों और कठिन कारोबारी माहौल के बीच कंपनी इन महत्वपूर्ण अनुबंधों को हासिल करने में सफल रही है। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी के इंडिया टीएंडडी बिजनेस को उत्तर भारत में अपने एक मौजूदा प्रतिष्ठित प्राइवेट क्लाइंट से 400 kV ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट का रिपीट ऑर्डर मिला है। यह विशिष्ट प्रोजेक्ट एक बड़े जलविद्युत संयंत्र (Hydroelectric Plant) से उत्पन्न बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने यानी पावर इवेक्यूएशन (Power Evacuation) की जटिल तकनीकी आवश्यकता को पूरा करेगा। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में कंपनी का अब तक का कुल ऑर्डर इनटेक (YTD Order Intake) ₹7,600 करोड़ के पार पहुंच चुका है, जो कंपनी के वार्षिक विकास लक्ष्यों और रेवेन्यू विजिबिलिटी को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों में दबाव: मुनाफा 41.7% घटा, मार्जिन पर पड़ा असर

यद्यपि कंपनी ऑर्डर हासिल करने में लगातार सफलता प्राप्त कर रही है, परंतु चालू वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही के दौरान कंपनी के परिचालन प्रदर्शन और लाभप्रदता पर कच्ची सामग्रियों की लागत और लॉजिस्टिक्स खर्चों का स्पष्ट दबाव देखा गया था। जून तिमाही में केईसी इंटरनेशनल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 41.7 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ ₹72.6 करोड़ पर सिमट गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹124.6 करोड़ दर्ज किया गया था। इस अवधि में कंपनी का कुल राजस्व ₹5,024 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग सपाट बना रहा। इसके अलावा कंपनी का परिचालन मुनाफा यानी EBITDA 16.9 प्रतिशत गिरकर ₹290.8 करोड़ रह गया, जो पिछले वर्ष समान अवधि में ₹350.1 करोड़ था, जिसके परिणामस्वरूप EBITDA मार्जिन 7 प्रतिशत से घटकर 6 प्रतिशत के स्तर पर आ गया था।

52-वीक हाई से 56% टूटा शेयर, क्या नए ऑर्डर से लौटेगी तेजी

शेयर बाजार में केईसी इंटरनेशनल के तकनीकी और मूल्य प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में स्टॉक में 1.71 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई थी। लंबी अवधि के चार्ट पर यह शेयर लगातार बिकवाली के दबाव में रहा है, जिसके चलते पिछले छह महीनों के दौरान इसके बाजार मूल्य में लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। वर्तमान में शेयर का भाव करीब ₹406 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹937.80 से लगभग 56 प्रतिशत नीचे है। भारी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे इस स्टॉक में ₹1,303 करोड़ के नए वर्क ऑर्डर्स की घोषणा के बाद निवेशकों और तकनीकी विश्लेषकों की निगाहें इसके सपोर्ट लेवल्स और संभावित रिबाउंड पर टिकी हुई हैं।