उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश—पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ धरातल पर पहुंचे योजना का लाभ, महिला किसान सशक्तिकरण हेतु ₹14.167 लाख की मंजूरी
उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार द्वारा महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना के अंतर्गत केंद्रीय अंशदान ₹8.50 लाख तथा राज्यांश ₹5.667 लाख सहित कुल ₹14.167 लाख (चौदह लाख सोलह हजार सात सौ रुपये मात्र) की धनराशि के व्यय के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास तथा कृषि क्षेत्र के समग्र उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है। महिला किसानों को आत्मनिर्भर बनाने एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक रूप से भी सशक्त बना रही है।
उपमुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित मानकों एवं वित्त विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुरूप पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि परियोजना का लाभ लक्षित महिला किसानों तक समयबद्ध रूप से पहुंच सके और ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को और अधिक गति मिल सके।
उपमुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए निर्देश दिए हैं कि:
- स्वीकृत धनराशि का उपयोग वित्त विभाग द्वारा निर्धारित शर्तों और तय मानकों के अनुरूप ही किया जाए।
- योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता और ईमानदारी बरती जाए।
- परियोजना का शत-प्रतिशत लाभ लक्षित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की महिला किसानों तक समयबद्ध रूप से पहुंचे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्यों को तीव्र गति दी जा सके।