Ayodhya Visit: राम मंदिर चढ़ावा विवाद की गूंज के बीच कल अयोध्या पहुंचेंगे CM योगी, ट्रस्ट महासचिव चंपत राय से 'दूरी' क्यों
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या के दौरे पर रहेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित गड़बड़ियों का मामला चर्चा में है और इसकी जांच के लिए गठित एसआईटी (SIT) सक्रिय है। इस बीच, प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अयोध्या के जिलाधिकारी ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान उनसे 'उचित दूरी' बनाए रखने का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि यह निर्णय जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
एसआईटी जांच और कूटनीतिक दूरी
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गड़बड़ी मामले की जांच कर रही तीन सदस्यीय एसआईटी टीम इन दिनों अयोध्या में डेरा डाले हुए है। जांच के दायरे में ट्रस्ट के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा भी इस जांच प्रक्रिया का हिस्सा हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जांच से जुड़े व्यक्तियों का उनके करीब रहना जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठा सकता है, इसलिए चंपत राय को प्रोटोकॉल के तहत दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
सीएम योगी का अयोध्या में व्यस्त कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा विकास कार्यों को गति देने पर भी केंद्रित रहेगा। अपने दौरे के दौरान सीएम 19 जून को अयोध्या की रुदौली तहसील में कुल 123 परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जिसमें 72 का लोकार्पण और 51 का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
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सुबह 10:45 बजे: मां कामाख्या मंदिर में दर्शन और पूजन।
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सुबह 11:00 बजे: वीरांगना झलकारी बाई कोरी की प्रतिमा का अनावरण और जनसभा।
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दोपहर 3:00 बजे: अयोध्या धाम पहुंचकर रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन।
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शाम 6:15 बजे: राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शिरकत। इसके अलावा, सीएम हुनहुना मेडिकल कॉलेज, बाबा बाजार थाना का लोकार्पण और अयोध्या में नए वैक्स म्यूजियम का भी उद्घाटन करेंगे।
क्या है चढ़ावा विवाद
राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन और दान में अनियमितताओं के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। चूंकि मामला मंदिर परिसर के अंदरूनी प्रबंधन और ट्रस्ट से जुड़ा है, इसलिए मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य सरकार के लिए एसआईटी जांच की निष्पक्षता को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। योगी आदित्यनाथ का यह दौरा स्पष्ट संदेश देता है कि जांच का काम कानून के अनुसार चलेगा और किसी भी स्तर पर पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा।