व्हाट्सएप पर रेकी, फिर झपट्टा; पकड़ा गया 'गबरू गैंग' का मास्टरमाइंड, चेन स्नैचिंग के 24 से ज्यादा मामलों का खुलासा
जमशेदपुर पुलिस को सिदगोड़ा एनकाउंटर के बाद एक बड़ी कामयाबी मिली है। कुख्यात अपराधी हरपाल सिंह उर्फ गबरू से पूछताछ में चेन स्नैचिंग गिरोह के हाईटेक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। गबरू ने कबूल किया है कि उसका गैंग बेहद शातिर तरीके से पूरे शहर में महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। महज तीन महीनों के भीतर इस गिरोह ने शहर में दो दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा रखी थी।
व्हाट्सएप से 'हाईटेक' रेकी का सच
गबरू गैंग का काम करने का तरीका पूरी तरह से पेशेवर था। गिरोह के सदस्य पहले भीड़-भाड़ वाले इलाकों और सुनसान सड़कों पर महिलाओं को टारगेट करते थे। शिकार तय होते ही उसकी फोटो खींची जाती और उसे तुरंत व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया जाता था। फोटो मिलते ही मुख्य शूटर हरपाल और उसके साथी अपनी बाइक से मौके पर पहुंचते और झपट्टा मारकर चेन लेकर फरार हो जाते थे। इस काम के लिए राजू नामक साथी की तेज रफ्तार बाइक का इस्तेमाल किया जाता था, जो उन्हें पुलिस की पकड़ से दूर रखने में मदद करती थी।
जेल से बाहर आते ही दोबारा शुरू हुआ आतंक
हरपाल सिंह उर्फ गबरू इसी साल मार्च में अपने साथी मंजीत सिंह के साथ जमानत पर जेल से बाहर आया था। बाहर आते ही उसने अपना पुराना 'चेन स्नैचिंग सिंडिकेट' दोबारा सक्रिय कर लिया। बीते 15 जून को जब पुलिस ने टेल्को कॉलोनी में इनका पीछा किया, तो गबरू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस अधिकारी की पिस्तौल छीनकर गोलियां चला दीं। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में गबरू के पैर में गोली लगी और वह पकड़ा गया। यह मुठभेड़ पुलिस के लिए एक बड़े ऑपरेशन का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
सोनार और फरार साथियों की तलाश जारी
पूछताछ में गबरू ने खुलासा किया है कि लूटे गए सोने को स्थानीय बाजार में खपाया जाता था। उसने एक प्रमुख सोनार का नाम भी उजागर किया है, जो इस लूट के माल को खरीदने का काम करता था। गबरू ने बताया कि गिरोह के पांच सदस्य सक्रिय थे, जिनमें से तीन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस अब उन ठिकानों पर दबिश दे रही है जहां इन आभूषणों को बेचा गया है। साथ ही, फरार साथियों की तलाश के लिए शहर भर में सघन छापेमारी की जा रही है।
वैज्ञानिक सबूतों से पक्का होगा केस
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) की टीम ने सिदगोड़ा एनकाउंटर स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। पुलिस ने घटनास्थल से बरामद खोखे, बारूद के अवशेष और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। गनशॉट रेसिड्यू (GSR) टेस्ट के जरिए पुलिस यह साबित करने की तैयारी में है कि आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही इस गिरोह के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और लूटा गया सोना भी बरामद कर लिया जाएगा।