आगरा की बेटी ने रचा इतिहास: शक्ति शर्मा बनीं भारतीय वायुसेना में एयर वाइस मार्शल, रक्षा सेवाओं में हासिल किया यह मुकाम
भारतीय वायु सेना और देश के रक्षा इतिहास के पन्नों में उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर आगरा से ताल्लुक रखने वाली एक बेटी ने अपने अदम्य साहस, असाधारण प्रतिभा और समर्पण के बल पर एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है, जिस पर पूरे देश को गर्व महसूस हो रहा है। ताजनगरी आगरा की इस मेधावी बेटी ने भारतीय रक्षा सेवाओं में एक ऐसा मील का पत्थर हासिल किया है, जो आज तक किसी भी गैर-चिकित्सा (नॉन-मेडिकल) पृष्ठभूमि की महिला अधिकारी को प्राप्त नहीं हुआ था। देश की सुरक्षा और सैन्य सेवा के क्षेत्र में लैंगिक रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ते हुए शक्ति शर्मा ने 'एयर वाइस मार्शल' (Air Vice Marshal) के पद पर पहुंचकर देश का मान पूरी दुनिया में ऊंचा कर दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफलता से न केवल उनके पैतृक शहर आगरा में बल्कि पूरे देश के डिफेंस सेक्टर में जश्न का माहौल है। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि आज की भारतीय बेटियां अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर देश के सबसे ऊंचे और चुनौतीपूर्ण पदों पर पहुंचने का माद्दा रखती हैं, और उनका यह सफर देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन चुका है।
आगरा के फुलट्टी से आसमान की बुलंदियों तक का प्रेरणादायक सफर
डॉ. संदीप शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार, ताजनगरी आगरा की माटी में जन्मी और पली-बढ़ी शक्ति शर्मा का यह सफर तमाम संघर्षों और उपलब्धियों से भरा हुआ है। उनका जन्म आगरा के पुराने और ऐतिहासिक क्षेत्र फुलट्टी में हुआ था, और उनका परिवार लंबे समय तक इसी शहर से गहराई से जुड़ा रहा है। उनके पारिवारिक इतिहास और जड़ों पर नजर डालें तो उनके चचेरे भाई अशोक कुमार शर्मा (जो राजामंडी रेलवे स्टेशन प्रभारी पद से सेवानिवृत्त हैं) बताते हैं कि उनका परिवार पहले शहर के साधू राम कूंचा इलाके में रहता था और बाद में उनके दादाजी गांधीनगर के पास सुल्तानगंज क्षेत्र में रहने लगे थे। एक बड़ा और संयुक्त परिवार होने के कारण समय के साथ परिवार के विभिन्न सदस्य आगरा के अलग-अलग इलाकों में बस गए। शक्ति शर्मा के पिता ओमप्रकाश शर्मा एक प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं, जिन्होंने अपनी उच्च शिक्षा आगरा के प्रतिष्ठित आरबीएस कॉलेज से एमएससी की डिग्री के साथ पूरी की थी। वर्ष 1970 के आसपास मध्य प्रदेश पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करने के बाद उनके पिता भोपाल चले गए थे और प्रशासनिक सेवा में विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने के बाद वह एडिशनल कलेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनकी माता का नाम शैल शर्मा है, और वर्तमान में उनका पूरा परिवार भोपाल में ही निवास करता है।
प्रशासनिक और सैन्य पृष्ठभूमि वाला परिवार और शक्ति शर्मा की शिक्षा-दीक्षा
शक्ति शर्मा की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा और पठन-पाठन मुख्य रूप से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ही संपन्न हुआ। खास बात यह है कि इस परिवार की बेटियां शुरू से ही मेधावी और उच्च पदों पर आसीन रही हैं। शक्ति शर्मा की बड़ी बहन कृति शर्मा भी वर्तमान में प्रशासनिक सेवा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी संभाल रही हैं और वह भोपाल में एडिशनल कमिश्नर स्तर की एक वरिष्ठ अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। परिवार की दोनों ही बेटियों की इन शानदार और असाधारण उपलब्धियों ने आगरा से जुड़े इस पूरे परिवार का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है। पिछले तीन दशकों से अधिक लंबे अपने शानदार सैन्य सेवाकाल के दौरान शक्ति शर्मा ने भारतीय वायु सेना के भीतर विभिन्न बेहद महत्वपूर्ण, सामरिक और प्रशासनिक पदों की कमान संभाली है। अपने अब तक के करियर में उन्होंने अपनी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता, कार्यकुशलता और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर एक के बाद एक कई मील के पत्थर पार किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आज उन्हें यह सर्वोच्च मुकाम हासिल हुआ है।
असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजुकेशन) का पदभार और एयर वाइस मार्शल पद की गरिमा
गत एक सितंबर 2026 को शक्ति शर्मा ने भारतीय रक्षा सेवाओं के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 'एयर वाइस मार्शल' या उसके समकक्ष रैंक प्राप्त करने वाली देश की पहली गैर-चिकित्सा (नॉन-मेडिकल) महिला अधिकारी होने का गौरव अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक पदोन्नति के साथ ही उन्होंने भारतीय वायु सेना में 'असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (एजुकेशन)' का अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदभार भी आधिकारिक तौर पर ग्रहण कर लिया है। वायु सेना के भीतर शिक्षा, प्रशिक्षण और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालने में इस पद की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक गैर-चिकित्सा पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाली महिला अधिकारी का इस वरिष्ठ और प्रतिष्ठित पद तक पहुंचना भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका और लैंगिक समानता की दिशा में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम है।
आगरा से आज भी है गहरा जुड़ाव, बेड़ई-जलेबी और दाल-बाटी चूरमा है पसंद
भले ही शक्ति शर्मा ने अपने सैन्य करियर और व्यस्तताओं के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों में समय बिताया हो और उनका अधिकांश जीवन भोपाल में बीता हो, लेकिन ताजनगरी आगरा की संस्कृति और यहां के खानपान से उनका पुराना और अटूट लगाव आज भी पूरी तरह से कायम है। उनके चचेरे भाई अशोक कुमार शर्मा जो कि अर्जुन नगर में निवास करते हैं, बड़े ही गर्व के साथ बताते हैं कि बहन शक्ति को अपनी जन्मभूमि आगरा की यादें आज भी उतनी ही शिद्दत से ताजा हैं। हालांकि अपने व्यस्त सैन्य सेवाकाल और बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के चलते पिछले कुछ वर्षों से उनका आगरा आना थोड़ा कम जरूर हो गया है, लेकिन जब भी वे करीब 10 साल पहले यहां आई थीं, तो उन्हें ताजनगरी का पारंपरिक खानपान और यहां के स्वाद ने बेहद आकर्षित किया था। उन्हें आगरा की मशहूर बेड़ई-जलेबी आज भी बहुत पसंद है, और इसके साथ ही राजस्थानी व स्थानीय संस्कृति से जुड़ी दाल-बाटी चूरमा जैसी लजीज चीजें भी उनकी खास पसंद में शुमार हैं। अपनी इस लाडली बेटी के एयर वाइस मार्शल बनने की खबर मिलते ही आगरा में उनके परिवार और परिचितों के बीच जबरदस्त उत्साह और जश्न का माहौल बन गया, जहां सभी ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और लड्डू बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
ताजनगरी में गर्व और जश्न का माहौल, देश की बेटियों के लिए बनीं प्रेरणास्त्रोत
फुलट्टी की गलियों से निकलकर देश के आसमान की सबसे बुलंदियों तक का सफर तय करने वाली शक्ति शर्मा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी मिलते ही पूरे आगरा में गर्व की एक लहर दौड़ गई है। उनके इस मुकाम पर पहुंचने से न केवल उनके परिवार के लोग बल्कि पूरा शहर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। अशोक शर्मा, रवि शर्मा, गजेंद्र शर्मा, नरेंद्र शर्मा, मोनू शर्मा, आलोक शर्मा, अमित शर्मा, अभिषेक शर्मा, कविता शर्मा और दीप्ति शर्मा सहित उनके तमाम रिश्तेदारों, शुभचिंतकों और स्थानीय नागरिकों ने उनकी इस बड़ी सफलता पर अपनी गहरी प्रसन्नता और हर्ष व्यक्त किया है। हर किसी का यही कहना है कि शक्ति शर्मा की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि भारत की उन तमाम लाखों बेटियों के लिए एक बहुत बड़ी और जीवंत प्रेरणा है जो रक्षा सेवाओं में जाकर देश की सेवा करने और बड़े सपने देखने का हौसला रखती हैं। वायु सेना की वर्दी में एयर वाइस मार्शल के रूप में शक्ति शर्मा की यह तस्वीर आने वाले समय में भारतीय नारी शक्ति के नए और सशक्त स्वरूप की एक मुकम्मल मिसाल बनकर इतिहास के पन्नों में अमर हो जाएगी।