US Treasury : यूक्रेन पर रूस के बर्बर हमले से भड़का अमेरिका, दी खुली चेतावनी- अब सारे विकल्प खुले हैं

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News India Live, Digital Desk:  यूक्रेन के शहरों पर रूस के ताबड़तोड़ और जानलेवा हवाई हमलों के बाद अमेरिका का गुस्सा सातवें आसमान पर है. रूस की इस बर्बरता पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका ने मॉस्को को चेतावनी दी है कि अब उसके खिलाफ और कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए "सभी विकल्प मेज पर हैं." अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कार्यों को "घृणित" करार दिया है

यह कड़ी चेतावनी उस समय आई है जब रूस ने पिछले हफ्ते यूक्रेन, खासकर राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इन हमलों में रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया, जिसमें कई बच्चों समेत 20 से ज़्यादा निर्दोष लोगों की जान चली गई. हाल ही में हुई शांति की कोशिशों और मुलाकातों के बाद रूस के इस कदम को अमेरिका एक धोखे के तौर पर देख रहा है.

क्यों भड़का है अमेरिका?

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने साफ कहा कि शांति की बातों के ठीक बाद पुतिन ने जो किया है, वह बेहद निराशाजनक है. उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन ने बातचीत में जो संकेत दिए थे, उन्होंने उसका ठीक उल्टा किया है. असल में, उन्होंने एक घृणित तरीके से बमबारी अभियान को और तेज़ कर दिया है.

यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, रूस के हालिया हमलों में सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया.[4] इन हमलों में सिर्फ सैनिक ठिकानों को ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के घरों और शहरों के उन इलाकों को निशाना बनाया गया, जो लड़ाई के मोर्चे से बहुत दूर हैं.

हमलों में भारी नागरिक नुकसान

रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के इन हवाई हमलों में यूक्रेन को भारी मानवीय क्षति उठानी पड़ी है. कीव में एक रिहायशी इमारत पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में 22 लोग मारे गए, जिनमें 4 बच्चे भी शामिल थे. एक मासूम बच्चे की उम्र तो तीन साल से भी कम थी. इन हमलों ने ऊर्जा सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है.

क्या और कड़े होंगे प्रतिबंध?

अमेरिका और उसके सहयोगी देश पहले ही रूस पर कई कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा चुके हैं. इन प्रतिबंधों का मकसद रूस की युद्ध लड़ने की क्षमता को कमजोर करना हैअब इन नए हमलों के बाद अमेरिका अपनी रणनीति पर फिर से विचार कर रहा है. ट्रेजरी सचिव के बयान से यह साफ है कि अमेरिका अब चुप नहीं बैठेगा और रूस की आक्रामकता को रोकने के लिए और भी सख्त आर्थिक कदम उठा सकता है. अमेरिका ने रूस को चेतावनी दी है कि वह शांति की दिशा में आगे बढ़े, वरना उसे गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं