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April 05 2026 09:07 am

US-Iran War: ईरान ने मार गिराया अमेरिकी फाइटर जेट, ट्रंप की दो टूक- 'हम युद्ध में हैं', क्या अब ठप हो जाएगी शांति वार्ता?

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मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं। ईरान के ऊपर अमेरिकी फाइटर जेट्स के दुर्घटनाग्रस्त होने और मार गिराए जाने की सनसनीखेज घटनाओं के बाद पूरी दुनिया की नजरें इस महायुद्ध पर टिक गई हैं। इस भीषण टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने साफ कर दिया है कि अमेरिका पीछे हटने वाला नहीं है। आइए जानते हैं इस पूरे सैन्य और कूटनीतिक घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी।

फाइटर जेट गिरने पर ट्रंप का कड़ा रुख: "यह युद्ध है"

NBC न्यूज़ की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य विमानों को निशाना बनाए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि इन घटनाओं का ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या जेट गिराए जाने से शांति वार्ता में कोई बाधा आएगी, तो ट्रंप ने बेहद कड़े शब्दों में कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं। नहीं, यह युद्ध है। हम युद्ध में हैं।" मौजूदा युद्ध के दौरान किसी अमेरिकी विमान के नष्ट होने पर यह राष्ट्रपति की पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया है। हालांकि, ट्रंप ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 'सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन' (खोज और बचाव अभियान) की कोई भी जानकारी साझा करने से साफ इनकार कर दिया और सक्रिय सैन्य अभियानों पर मीडिया रिपोर्टिंग को लेकर खासी नाराजगी भी जताई।

क्या ईरान को मिल गया ₹840 करोड़ के F-35 का तोड़? टीवी पर बड़ा ऐलान

इस संघर्ष में सबसे ज्यादा चर्चा अत्याधुनिक अमेरिकी F-35 फाइटर जेट्स की हो रही है। ईरान ने अपनी सस्ती तकनीक और फिजिक्स के शानदार इस्तेमाल से अमेरिका को तगड़ा झटका दिया है। विमान को रडार से 'गायब' रखने वाली तकनीक ही उसकी सबसे बड़ी दुश्मन साबित हो रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस एक जेट की कीमत करीब ₹840 करोड़ है और सिर्फ पायलट के हेलमेट की कीमत ₹3.5 करोड़ होती है, जिसे 'टॉप गन' लेवल की ट्रेनिंग दी जाती है। इस बीच ईरानी सरकारी टीवी ने एक सनसनीखेज ऐलान किया है कि जो भी अमेरिकी F-35 के पायलट को जिंदा पकड़ेगा, उसे भारी इनाम दिया जाएगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य में A-10 को निशाना बनाने का दावा

राजनयिक तनाव के बीच तेहरान ने अपने सैन्य दावों की झड़ी लगा दी है। अल जजीरा ने तसनीम समाचार एजेंसी के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद करीब एक अमेरिकी A-10 विमान को मार गिराने का दावा किया है। यह विमान खास तौर पर जमीन पर मौजूद दुश्मनों के खात्मे (क्लोज एयर सपोर्ट मिशन) के लिए डिजाइन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान को रणनीतिक जलमार्ग के दक्षिणी हिस्से में निशाना बनाया गया, हालांकि इस दावे की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

F-15E स्ट्राइक ईगल क्रैश: एक पायलट जिंदा रेस्क्यू, दूसरे की तलाश जारी

CNN की एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी हवाई क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए एक और अमेरिकी फाइटर जेट से जुड़ी बड़ी खबर आई है। अमेरिकी सेना ने एक क्रू मेंबर को जिंदा बचा लिया है। वह फिलहाल अमेरिकी सेना की हिरासत में सुरक्षित है और उसका मेडिकल ट्रीटमेंट चल रहा है। तकनीकी विश्लेषण और मलबे की तस्वीरों से यह साफ हुआ है कि क्रैश होने वाला यह विमान दो सीटों वाला 'F-15E स्ट्राइक ईगल' था। एक पायलट को तो बचा लिया गया है, लेकिन 'सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन' अभी भी जारी है क्योंकि दूसरे क्रू मेंबर का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

ईरानी मीडिया ने जारी किया नक्शा, 494th फाइटर स्क्वाड्रन का मिला मलबा

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ईरानी राज्य प्रसारक IRIB के हवाले से बताया कि शुक्रवार को सबसे पहले इसी चैनल ने विमान को निशाना बनाए जाने की खबर दी थी और उस इलाके का नक्शा भी साझा किया था जहां पायलटों की तलाश हो रही है। खुजेस्तान प्रांत से कुछ जियोलोकेटेड फुटेज भी सामने आए हैं, जिनमें विमान को कम ऊंचाई पर हवा में ईंधन भरने वाली पोजीशन में उड़ते देखा गया। एक्सियोस (Axios) ने भी रेस्क्यू मिशन की पुष्टि की है। ईरानी मीडिया द्वारा शेयर की गई मलबे की तस्वीरों में विमान का पिछला हिस्सा (टेल फिन) साफ नजर आ रहा है, जो RAF Lakenheath में तैनात 494th फाइटर स्क्वाड्रन के विमान का प्रतीत होता है। इन तमाम सबूतों के बावजूद व्हाइट हाउस या अमेरिकी सेना ने पायलटों की स्थिति पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

ठप पड़ी सीजफायर की कूटनीतिक बातचीत

यह भारी सैन्य नुकसान एक ऐसे नाजुक मोड़ पर हो रहा है, जब कूटनीतिक रास्ते भी बंद होते नजर आ रहे हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर चल रही बातचीत पूरी तरह से ठप पड़ गई है, क्योंकि तेहरान ने एक तयशुदा अहम बैठक में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है।