US-Iran War : थम जाएगी विनाशकारी जंग? 45 दिनों के युद्धविराम के लिए मध्यस्थों ने झोंकी ताकत, समझें क्या है पूरा प्लान
News India Live, Digital Desk: खाड़ी देशों में मंडराते युद्ध के काले बादलों के बीच एक बड़ी राहत वाली खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थों ने एक 'सीजफायर प्लान' तैयार किया है। इस योजना के तहत दोनों देशों के बीच जारी सैन्य तनातनी को अगले 45 दिनों के लिए पूरी तरह रोका जा सकता है। पर्दे के पीछे चल रही इस कूटनीति का मकसद एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध को टालना है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
क्या है 45 दिनों का ‘शांति फॉर्मूला’?
विदेशी मामलों के जानकारों के मुताबिक, इस प्रस्तावित समझौते में दोनों पक्षों के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं। इस 45 दिवसीय विराम के दौरान अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई को स्थगित करेगा, वहीं ईरान समर्थित गुटों को भी अपने हमले रोकने होंगे। मध्यस्थों की कोशिश है कि इस समय का उपयोग करके एक स्थायी समाधान की ओर कदम बढ़ाए जाएं। इस प्लान में कैदियों की रिहाई और व्यापारिक मार्गों (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) पर सुरक्षा सुनिश्चित करना भी शामिल है, ताकि वैश्विक सप्लाई चेन में कोई बाधा न आए।
मध्यस्थ देशों की सक्रियता और बड़ी चुनौतियां
इस पूरे मिशन में कतर, ओमान और कुछ यूरोपीय देश मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। ये देश अमेरिका और तेहरान के बीच सेतु का काम कर रहे हैं। हालांकि, यह रास्ता इतना आसान नहीं है। ईरान के भीतर के कट्टरपंथी गुट और अमेरिका में आगामी चुनावों का दबाव इस शांति प्रक्रिया में बाधा बन सकते हैं। लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर यह 45 दिनों का विराम सफल रहता है, तो यह आने वाले सालों के लिए मध्य पूर्व में स्थिरता की नई इबारत लिख सकता है।
तेल की कीमतों और ग्लोबल मार्केट पर पड़ेगा असर
पूरी दुनिया की नजरें इस संभावित युद्धविराम पर इसलिए टिकी हैं क्योंकि इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। अगर 45 दिनों के लिए भी तनाव कम होता है, तो वैश्विक बाजार में स्थिरता आएगी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लग सकेगी। अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां इस कूटनीतिक हलचल को बहुत बारीकी से देख रही हैं, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत का मतलब होगा दुनिया के एक बड़े हिस्से का अंधेरे में डूब जाना।