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April 21 2026 04:53 am

US base Attack Iran : क्या रूस कर रहा ईरान की मदद? जेलेंस्की का सनसनीखेज दावा हमले से पहले दी अमेरिकी बेस की सैटेलाइट तस्वीरें

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News India Live, Digital Desk : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक ऐसा दावा किया है जिसने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। जेलेंस्की का आरोप है कि ईरान द्वारा हाल ही में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों के पीछे रूस का हाथ हो सकता है। उन्होंने खुफिया रिपोर्टों और सैटेलाइट साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि रूस ने हमले से ठीक पहले ईरान को अमेरिकी बेस की सटीक लोकेशन और सैटेलाइट तस्वीरें मुहैया कराई थीं। अगर यह दावा सच साबित होता है, तो यह मध्य पूर्व में जारी तनाव को एक बेहद खतरनाक मोड़ पर ले जा सकता है।

जेलेंस्की का बड़ा आरोप: 'रूस-ईरान का खतरनाक गठजोड़'

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलते हुए कहा कि रूस अब न केवल यूक्रेन में तबाही मचा रहा है, बल्कि वह दुनिया के अन्य हिस्सों में भी अस्थिरता फैलाने का काम कर रहा है। जेलेंस्की के मुताबिक, "हमारे पास पुख्ता जानकारी है कि रूसी सैटेलाइट्स का इस्तेमाल उन ठिकानों की रेकी करने के लिए किया गया, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात थे। ईरान ने उन्हीं जानकारियों के आधार पर अपने मिसाइल और ड्रोन हमले किए।" उन्होंने इसे 'आतंक का नया एक्सिस' करार दिया है।

क्या अमेरिका और नाटो के लिए बढ़ गई है चुनौती?

जेलेंस्की के इस बयान के बाद वाशिंगटन और ब्रुसेल्स में हड़कंप मच गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और ईरान के बीच हथियारों का लेन-देन अब 'इंटेलिजेंस शेयरिंग' (खुफिया जानकारी साझा करने) तक पहुंच गया है। यूक्रेन युद्ध में ईरान द्वारा रूस को 'शहीद' ड्रोन सप्लाई करने के बाद से ही दोनों देश पश्चिमी प्रतिबंधों के खिलाफ एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं। अब अमेरिकी ठिकानों की जानकारी साझा करने का आरोप इस दुश्मनी को सीधे तौर पर रूस बनाम अमेरिका की जंग में बदल सकता है।

रूस की सफाई और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

हालांकि, क्रेमलिन (रूस) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। रूसी प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इसे जेलेंस्की का 'प्रोपेगेंडा' बताया है ताकि पश्चिमी देशों से और अधिक सैन्य मदद हासिल की जा सके। वहीं, ईरान ने भी साफ किया है कि उसकी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से स्वतंत्र है। लेकिन सैटेलाइट इमेजरी के विशेषज्ञों का कहना है कि जिस सटीकता के साथ हमले किए गए, वह बिना किसी उन्नत स्पेस सर्विलांस के मुमकिन नहीं था।

मध्य पूर्व और यूक्रेन: एक ही सिक्के के दो पहलू

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस जानबूझकर मध्य पूर्व में तनाव को हवा दे रहा है ताकि अमेरिका और उसके सहयोगियों का ध्यान यूक्रेन युद्ध से हट जाए। यदि अमेरिका मध्य पूर्व में उलझता है, तो यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य मदद में कमी आ सकती है, जिसका सीधा फायदा पुतिन को मिलेगा। जेलेंस्की ने विश्व समुदाय को चेतावनी दी है कि अगर इस गठबंधन को अभी नहीं रोका गया, तो यह वैश्विक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाएगा।