उर्जित पटेल की हुई 'घर वापसी'! सरकार ने IMF में बनाया भारत का प्रतिनिधि, मिली बड़ी ज़िम्मेदारी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल एक बार फिर देश के लिए एक बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। 2018 में अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर सबको चौंकाने वाले पटेल को अब सरकार ने एक बहुत बड़ी और प्रतिष्ठित ज़िम्मेदारी सौंपी है।
भारत सरकार ने उर्जित पटेल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत का अगला कार्यकारी निदेशक (Executive Director) नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा।
क्यों है यह नियुक्ति इतनी ख़ास?
IMF दुनिया की सबसे बड़ी और शक्तिशाली वित्तीय संस्थाओं में से एक है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था की निगरानी करती है और सदस्य देशों की मदद करती है। इस संस्था में भारत का प्रतिनिधि होना एक बहुत बड़े सम्मान और ज़िम्मेदारी की बात है। उर्जित पटेल अब वॉशिंगटन डीसी में बैठकर IMF के बोर्ड में भारत और कुछ अन्य देशों (भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका) का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मतभेदों के बाद मिला बड़ा सम्मान
उर्जित पटेल का RBI गवर्नर के तौर पर कार्यकाल काफी चर्चित रहा था। नोटबंदी के बाद बिगड़ते हालातों को संभालने से लेकर सरकार के साथ कुछ नीतियों पर मतभेद तक, उनका कार्यकाल काफी उथल-पुथल भरा रहा। उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही "निजी कारणों" का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था।
ऐसे में, उसी सरकार द्वारा उन्हें अब इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारी दिया जाना यह दिखाता है कि सरकार उनकी आर्थिक समझ और अनुभव का कितना सम्मान करती है। यह फैसला कई लोगों के लिए एक सुखद आश्चर्य की तरह है।
इस नई भूमिका में पटेल का अनुभव भारत को वैश्विक मंच पर अपनी बात मज़बूती से रखने में बहुत मदद करेगा।